दिल्ली की चुनी हुयी सरकार और नौकरशाही में टकराव शुरू होने के एक हफ्ते बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश का आमना-सामना हुआ। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव समेत दूसरे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, बैठक में जाने से पहले मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अधिकारियों की सुरक्षा आश्वस्त करने की बात कही।
कैबिनेट की बैठक में दिल्ली विधान सभा के बजट सत्र पर फैसला लिया जाना था। मुख्य सचिव को चुनी हुयी सरकार की तरफ से इसकी औपचारिक सूचना दी गयी थी। इसके जवाब में मुख्य सचिव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि विधान सभा के बजट सत्र का तरीख तय करने के लिये बुलाई गयी बैठक दिल्लीवासियों व सरकार के लिए बेहद अहम है। इसके मद्देनजर वह बजटीय कार्य से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे।
हालांकि, मुख्य सचिव ने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री यह आश्वस्त करें कि अधिकारियों के साथ न तो मारमीट होगी, न ही किसी तरह के अभद्रता की जायेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में उचित डेकोरम अपनाने के साथ अधिकारियों के सम्मान की भी रक्षा की जायेगी। उधर, सूत्र बताते हैं कि बैठक के दौरान अधिकारियों व मंत्रियों के बीच सहजता नहीं दिखी। दोनों पक्षों में टकराव का असर साफ दिख रहा था। कैबिनेट की बैठक पूरी तरह औपचारिक रही।
बता दें कि बीते एक सप्ताह पहले सोमवार की मध्य रात्रि में मुख्यमंत्री के आवास पर हुयी बैठक में मुख्य सचिव के साथ मारपीट हुयी थी। मुख्य सचिव ने आरोप लगाया था कि विधायकों ने बैठक में उनके साथ मारपीट की गयी। इसके बाद दिल्ली की पूरी नौकरशाही ने मंत्रियों के साथ होने वाली सभी बैठकों का बहिष्कार कर रखा है। मंगलवार को पहली बार मुख्य सचिव कैबिनेट की बैठक में यह कहते हुये शामिल हुये कि मसला बजट सत्र का है। लिहाजा दिल्लीवालों के लिये इसमें शामिल होना जरूरी है।