होली हर वर्ग, संप्रदाय, जाति और क्षेत्र के लोग मनाते हैं। हर जगह की होली की अपनी खासियत है। पंजाब के लोगों की पहचान मस्ती में जीने वालों के रूप में होती है।
उनका यही मस्तमौला अंदाज उनके होली मनाने के ढंग में भी झलकता है। पंजाबी समाज के लोगों में होली खेलने को लेकर बहुत उत्साह रहता है। होली के दिन रंगों के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर मस्ती में हर आयु वर्ग के लोग सराबोर नजर आते हैं।
दादी की रसोई के संचालक अनूप खन्ना का कहना है कि पंजाबी मनोरंजन और मेल-मिलाप का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसे में होली तो हम सबको बेहद प्रिय है। इसके बहाने सारे दिन घरों में अलग ही रौनक छाई रहती है।
होली में हमारे यहां पूजा और रस्मों-रिवाजों पर ज्यादा जोर नहीं होता। हम तो बस सुबह से लेकर देर शाम तक रंगों और नाच-गाने की मस्ती में ही खोए रहते हैं। खानपान की भी खास व्यवस्था होती है।
गुझिया-पकौड़े तो हर घर में ही बनते हैं। साथ ही हर घर में एक विशेष व्यंजन बनाया जाता है। यह हर घर में अलग होता है। हम सब एक-दूसरे के घर जाकर उनका लुत्फ लेते हैं।
दीपक ब्रिज का कहना है कि होली का त्यौहार अमूमन हर पंजाबी को बेहद पसंद है। यह हमें दिल खोलकर मस्ती का मौका देता है। एक और गुझिया, पकौड़े, दही-भल्ले आदि स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने का मौका मिलता है, तो दूसरी ओर नाचते-गाते कब मस्ती में पूरा दिन बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। आमतौर पर लोगों की दिनचर्या व्यस्त हो गई है। होली के बहाने हमें अपने परिचितों-रिश्तेदारों के साथ खुशियों भरे पल बिताने का मौका मिलता है।