फिलहाल फेसबुक से लेकर ट्विटर तक पर अंग्रेजी लेखक चेतन भगत का एक ट्वीट वायरल हो गया है। उनके इस ट्वीट ने उन्हें देश भर के इतिहासकारों के निशाने पर ला दिया है। चेतन ने ट्वीट कर पूछा है कि आखिर इतिहासकार काम क्या करते हैं?
बता दें कि देश के 53 इतिहासकारों ने बढ़ते असहिष्णुता के माहौल के खिलाफ आवाज उठाई है और चेतन भगत के ट्वीट को इतिहासकारों के इसी कदम के विरोध के तौर पर देखा जा रहा है।
देश में साहित्यकारों से लेकर कलाकारों और फिल्मकारों तक में इस बात को लेकर गुस्सा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में बढ़ती असहिष्णुता के माहौल पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
इसके विरोध में ही पुरस्कारों को लौटाने का भी दौर चल रहा है। इसी कड़ी में देश के 50 इतिहासकारों ने गुरुवार को अपनी आवाज बुलंद की और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़ा किया।
क्यों इतिहासकारों में बढ़ रही चिंता
रोमिला थापा, इरफान हबीब, केएन पणिक्कर और मृदुला मुखर्जी जैसे देश भर के 53 इतिहासकारों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए देश में बिगड़ रहे माहौल के प्रति अपनी चिंता जाहिर की है।
बयान में कहा गया है कि विचारों की बहुलता को ताकत और हिंसा के दम पर दबाने की कोशिश की जा रही है। तर्क का जवाब तर्क से देने के बजाए उसका जवाब गोली से देने का प्रयास हो रहा है।
इतिहासकारों द्वारा जारी बयान में हाल ही में उत्तर प्रदेश के दादरी में अखलाक की हत्या और मुंबई में सुधींद्र कुलकर्णी पर स्याही फेंके जाने की घटना का जिक्र करते हुए चिंता जताई गई है।
इतिहासकारों के इसी विरोध के जवाब में चेतन भगत ने ट्वीट किया है जिसे लेकर एक नया विवाद पैदा हो गया है।
What do historians do? I am genuinely curious. This happened. Then this happened. Then this. Ok work done for the day.
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 30, 2015
विदेशी मीडिया पर भड़के चेतन
चेतन भगत ने अपने ट्वीट पर विदेशी मीडिया में छपी खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका में बंदूक चलाने की एक घटना से ये साबित नहीं हो जाता कि सारे अमेरिकी हत्यारे हैं।
इसी तरह भारत में हुई किसी एक घटना के आधार पर यह कहना भी गलत है कि भारत एक असहिष्णु देश है। नीचे पढ़िए चेतन भगत के ट्वीट...
Dear foreign media,I have written whatever I wanted about either political party & have never been told to not write it. India is free.
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 30, 2015
Just as a gun incident in US doesn't make every American a gun toting murderer, a few unfortunate incidents don't make Indians intolerant.
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 30, 2015
I respect all who have returned awards and their views,just clarifying how I feel as a writer here,before foreign media reaches conclusions.
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 30, 2015
In India, you can't kill cows. And you cannot even make a joke on holy cows. Like historians. Sorry if any animals or sentiments were hurt.
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) October 30, 2015