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कभी कभार ही होता है ऐसा चमत्कार, जरूर पढ़िए ये खबर

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सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को एम्स ट्रामा सेंटर ने नई जिंदगी दी। हादसे में छाती और पेट इस तरह फट गया था कि घायल युवक का फेफड़ा, दिल का कुछ हिस्सा और अन्य अंदरुनी अंग बाहर से ही दिख रहे थे। इलाज के बाद अब युवक की हालत खतरे से बाहर है, उसे वेंटिलेटर से हटा लिया गया है।
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घायल युवक अतुल की मां सीमा ने बताया की कुछ दिन पहले ही पति की मौत हो गई थी। इसके बाद बेटा पैसे कमाने के लिए बिहार से नोएडा आया था। मोबाइल की दुकान खोलने की तैयारी कर रहा था।

13 सितंबर की शाम वह मोटरसाइकिल से दुकान जाने के लिए निकला था, उसी समय किसी वाहन ने उसे टक्कर मारी। नेवी से सेवानिवृत्त सुरेंद्र ने अपनी गाड़ी से प्रयाग अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद रविवार को वेंटिलेटर के सहारे एम्स ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
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फेफड़े में भर गई थी हवा

ट्रामा सेंटर में सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ. सुबोध कुमार ने बताया कि सीटी स्कैन करने पर पता लगा कि दाहिने फेफड़े में हवा भर गई है, जिसकी वजह से फेफड़ा सिकुड़ गया है। छाती में दो ट्यूब डाल कर वहां से हवा निकाली गई।

मरीज की पूरी छाती और पेट का हिस्सा फटा हुआ था और काफी खून बह गया था, इसलिए संक्रमण का भी खतरा था। एंटीबायोटिक्स देकर इसे नियंत्रित किया गया। इलाज के बाद अब युवक पहले से बेहतर है और उसे वेंटिलेटर से हटा लिया गया है। उम्मीद है कि मरीज जल्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि हादसे के फौरन बाद युवक को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां उसका बहुत अच्छा इलाज किया गया। इसी वजह से मरीज के आगे के इलाज में आसानी हुई। यदि हादसे के बाद सही समय पर घायल को पहुंचा दिया जाए तो गंभीर से गंभीर मरीज को बचाया जा सकता है।
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