अमन को लेकर सौरभ नोएडा सेक्टर-22 गया। यहां आरोपी को सौरभ ने ओयो होटल में रुकवाया और उससे लूटे गए रुपये भी लिए। इसके बाद सौरभ घर लौट आया। हयात ने बिहार भागने के लिए सौरभ की मदद से कैब बुक कर ली थी, लेकिन फरार होने के प्रयास के दौरान ही पुलिस ने उसे गैलेक्सी वेगा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
वारदात से पहले सहकर्मी से लिए थे तीन सौ रुपये उधार
आरोपी ने वारदात से लगभग पांच घंटे पहले मार्ट के एक सहकर्मी से उधार रुपये मांगे थे। सहकर्मी ने उसे दो सौ रुपये दिए तो आरोपी ने कहा कि सौ और दे दो। इस पर आरोपी उधार में तीन सौ रुपये लेकर गया था।
नाबालिग से दोस्ती के लिए बदला आरोपी ने नाम
सूत्रों का कहना है कि दूसरी समुदाय की नाबालिग दोस्त होने के कारण आरोपी ने पूरा नाम न बताकर सिर्फ अमन बताया था। इसकी जानकारी सौरभ को हुई तो उसने केस दर्ज कराने की धमकी दी। सौरभ कोई काम नहीं कर रहा था और उसे रुपये की जरूरत थी। इस कारण आरोपी ने उससे कार्रवाई नहीं करने के बदले में रुपये मांगे। इससे अमन रुपयों की तलाश में जुट गया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन सब बातों की जांच चल रही है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस टीम को एक लाख रुपये इनाम
बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान, क्राइम ब्रांच एसओजी प्रभारी यतेंद्र, सर्विलांस, साइबर आदि टीमें वारदात के खुलासे में जुटीं थीं। खुलासा करने वाली टीम को पुलिस आयुक्त ने एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।