भीकनपुर गांव में पाइप लाइन के पास शनिवार देर रात करीब एक बजे एक केमिकल फैक्ट्री में केमिकल गर्म करने के दौरान गैस निकली, जो गांव में फैल गई।
इससे 25 लोग बेहोश हो गए और 200 से ज्यादा लोगों तथा मवेशियों की हालत बिगड़ गई। लोगों की आंखों में जलन से पानी निकलने लगा और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
इससे गांव में हड़कंप मच गया और लोगों ने हंगामा किया। करीब एक घंटे बाद ग्रामीण ही फैक्ट्री की दीवार फांदकर अंदर घुसे।
फैक्ट्री में मौजूद आठ कर्मचारी भाग गए। ग्रामीणों ने आग बुझाकर केमिकल को गर्म होने से रोका, तब गैस निकलनी बंद हुई और लोगों को कुछ राहत मिली।
गांव वालों ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर आग की भट्टियों पर केमिकल गर्म हो रहा था। धुआं निकल रहा था। भीकनपुर गांव के ग्रामीणों को उल्टी, चक्कर, आंखों में चुभन, सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द होने लगा।
लोग बेहोश होकर गिरने लगे। कई पशु भी बेहोश हो गए। गांव में अफरातफरी मच गई। गांववालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फैक्ट्री गेट खुलवाने की कोशिश की, लेकिन मजदूरों ने गेट नहीं खोला।
बेहोश लोगों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। एसओ मुरादनगर उम्मेद यादव ने बताया कि फैक्ट्री भीकनपुर गांव में ही रहने वाले संजय चौधरी की है।
तीन साल पहले यह फैक्ट्री गाजियाबाद में थी। पाइप लाइन मार्ग पर पांच माह से फैक्ट्री चल रही हैं। ग्रामीणों ने फैक्ट्री से दुर्गंध आने की शिकायत की थी।
गांव प्रधान मीनू चौधरी ने बताया कि फैक्ट्री में गैस रिसाव होने से गांव के लोगों की तबियत बिगड़ी। रविवार सुबह तक भी लोग इससे परेशान रहे।