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रेलवे स्टेशन पर बंदरों का चेकपोस्ट

Sat, 21 Mar 2015 11:04 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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रेलवे स्टेशन पर बंदरों का अघोषित ‘चेकपोस्ट’ बना लिया है। यात्री अगर खाने-पीने की चीजे लेकर स्टेशन पर जाते हैं तो इन बंदरों को हिस्सेदारी दिए बिना आगे नहीं बढ़ सकते। चीजे छुपा लेने पर बंदर हमला कर सामान छीन लते हैं।
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शनिवार को स्टेशन पर बंदरों से ऐसा आंतक मचाया कि भीड़ से खचाखच भरा रहने वाला एफओबी और सीढ़ियां खाली हो गई। एक छोटे बंदर की मौत से गुस्साए बंदरों ने पूरे स्टेशन यात्रियों का आवागमन बंद कर दिया।

हुआ यूं कि रन-थ्रू लाइन पर एक बंदर का बच्चा 25 हजार वोल्ट की ओएचई लाइन की चपेट में आ गया। जबरदस्त शॉर्ट सर्किट के बाद वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद साथी बंदरों ने आतंक मचा दिया।
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बंदरों का गुस्सा तब और भड़क गया जब एक कूड़ा बीनने वाला युवक उसे उठाकर ले गया। इकट्ठा हुए 40-50 बंदरों का झुंड यात्रियों की ओर दौड़ते हुए प्लेटफार्म पर पहुंच गया। इसके बाद तो प्लेटफार्म, सीढ़ियों और एफओबी पर अफरातफरी मच गई। ट्रेन की ओर दौड़ने की बजाय यात्री बंदरों से बचने के लिए दौड़ने लगे।

प्लेटफार्म तक नहीं पहुंच पाए यात्री
बंदरों के आतंक के चलते करीब 15 मिनट तक स्टेशन पर आवागमन बंद हो गया। यात्री प्लेटफार्म तक नहीं पहुंच सके। इस दौरान अलीगढ़ जाने वाली ट्रेन में सवार होने के लिए लोगों ने प्लेटफार्म नंबर-2 तक पहुंचने का प्रयास करते रहे, लेकिन बंदरों की वजह से नहीं पहुंच पाए। ट्रेन को रवाना होता देख यात्री दूसरे पुल से प्लेटफार्म पर पहुंचे।

बंदरों ने कार मैकेनिक को काटा
वैशाली सेक्टर-6 में बंदरों ने कार मैकेनिक को काटकर घायल कर दिया। मैकेनिक दुकान के बाहर कार को ठीक कर रहा था। बंदरों ने उसके सिर में बुरी तरह से काट लिया है। बंदरों से बचकर भागने के दौरान वह गिर गया। जिसके कारण उसके हाथ में भी चोट लग गई है। लोग काफी समय से बंदरों के आतंक से परेशान हैं।

सेक्टर छह में शुक्रवार को कार मैकेनिक युसुफ दुकान के बाहर काम कर रहे थे। इस दौरान बंदरों का एक झुंड आ गया। युसुफ की दुकान के बराबर में बनी परचून की दुकान के बाहर रखी ब्रेड उठा ली। दुकान का मालिक उन्हें भगाने लगा तो वह युसुफ पर झपट गए। बंदरों ने उसके सिर पर काट लिया।

वह बंदरों से बचकर भागने लगे, तो बंदर उसके पीछे पड़ गए। वह भागते हुए गिर गए। इससे उनके हाथ में भी चोट आ गई। आसपास के दुकानदारों ने पत्थर मारकर बंदरों को भगाया। दुकानदार उसे पास के अस्पताल ले गए। जहां पर उसका उपचार किया गया। उनके हाथ और सिर में गंभीर चोट आई हैं।

लोगों का कहना है कि कालोनी में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लोग खरीदकर सामान घर तक नहीं ले जाते। कई लोगों को बंदर काट चुके हैं। कई बार नगर निगम में शिकायत की गई, लेकिन बंदरों को पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। नगर निगम के अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि नगर निगम में बंदरों को पकड़ने का कोई प्रावाधान नहीं है।

डीएम साहब! बंदरों से बचाओ
मसूरी। डासना में बंदरों के आतंक से लोग दहशत में हैं। बंदरों ने हमला कर 10 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया है। नगर पंचायत अफसरों ने सुनवाई न की तो परेशान लोगों ने डीएम को ज्ञापन देकर बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।

बंदरों के हमले में घायल लोगों में शांति देवी, परवीन, साइस्ता, अकबर, सनी, नईमा, राहिल शामिल हैं। बंदरों के डर से गिर जाने से राहिल की घुटने की हड्डी टूट गई है।
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