3. कस्टमर केयर पर बात करने के बहाने ठगी
कोरोना काल में ऑनलाइन को बढ़ावा मिला है। ठगों ने इसको भी अपना हथियार बना लिया है। खासकर ऐसे लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है जो किसी की कंपनी के कस्टमर केयर के नंबर गूगल के जरिए प्राप्त कर उसपर बात करते हैं। इसपर ज्यादातर शिकायत ऑनलाइन पैमेंट नहीं होने की होती है। बातचीत के दौरान नकली कस्टमर केयर कर्मचारी बना व्यक्ति पीड़ितों को लिंक भेजता है, जिसके जरिए वह उनके खाते से हजारों से लेकर लाखों रुपये पर हाथ साफ कर देते हैं।
4. फर्जी वेबसाइट के जरिए नौकरी का झांसा देकर ठगी
हाल के दिनों में ठग सरकारी व निजी कंपनी से मिलता जुलता फर्जी वेबसाइट बनाकर उसपर नौकरी का विज्ञापन देते हैं और फिर बड़े पैमाने पर उसपर आवेदन करने वाले लोगों से लाखों और करोड़ों रुपये ठग लेते हैं। साइबर सेल ने हाल ही में ऐसे गैंग का खुलासा किया है जिसने जन कल्याण संस्थान के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर 27 हजार युवाओं को ठगी का शिकार बनाया। इसी तरह हवाई अड्डे की निर्माण करने वाली कंपनी जीएमआर ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज करवायी है कि कुछ लोगों ने कंपनी का फर्जी वेबसाइट बनाकर उसपर नौकरी का विज्ञापन देकर लोगों से लाखों की ठगी कर रहे हैं।
1 जनवरी 2020 से 31 अगस्त 2020 तक के ठगी के मामले
| मामले दर्ज |
गिरफ्तारी |
| धोखाधड़ी 3254 |
779 |
| जालसाजी 177 |
131 |
केस नंबर-1
द्वारका साउथ इलाके में पूनम पति के साथ सुबह की सैर पर गयी थी। इसी दौरान दो युवकों ने कोविड जांच का बहाना बनाकर बुखार जांच करने की बात कही। युवकों ने उन्हें पार्क में जेवरात पहनकर नहीं आने की नसीहत दी और जेवरात को खोलकर उनके चुन्नी में बांध दिया। घर जाने पर पता चला कि वह असली नहीं बल्कि नकली जेवरात थे।
केस नंबर-2
महेंद्र पार्क इलाके में उपेंद्र सिंह नाम का युवक नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों का कोविड चालान कर रहा था। आशंका होने मौके पर पहुंची पुलिस ने उसको धर दबोचा। उसके पास से पुलिस की वर्दी और चालान की रकम भी पुलिस ने बरामद की है।
धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों की जांच के लिए साइबर यूनिट है। साथ ही हर जिले में साइबर सेल है जो लगातार इन मामलों की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी करती है। दिल्ली पुलिस की ओर से लगातार विज्ञापन के जरिए लोगों को जागरूक किया जाता है ताकि वह ठगों का शिकार होने से बच सकें।
अनिल मितल, अतिरिक्त जन संपर्क अधिकारी, दिल्ली पुलिस