एक ही प्रॉपर्टी को कई बैंकों में गिरवी रखकर 11 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाली एक बुजुर्ग महिला को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। इसकी पहचान ललिता रानी (68) (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है। 2016 के बाद से महिला गायब थी।
महिला के दो बेटों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। ललिता ने ड्राईफ्रूट का कारोबार बढ़ाने के नाम पर अपनी प्रॉपर्टी को अलग-अलग बैंक में गिरवी रखकर बैंकों को चूना लगाया। पुलिस महिला से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने 2014 में 1.60 करोड़ ठगी की शिकायत दी थी। कंपनी ने आरोप लगाया कि ललिता रानी ने अपनी कंपनी दौलतराम-नरेश कुमार के कारोबार को बढ़ाने के नाम पर लोन मांगा।
लोन के बदले महिला ने हडसन लेन, किंग्जवे कैंप में अपनी प्रॉपर्टी को गिरवी रख दिया। बेटे-बहू को भी इसमें शामिल किया गया। लोन लेने के बाद आरोपियों ने लोन की किस्त देना बंद की। बाद में उनको एनपीए घोषित कर दिया गया। कंपनी की शिकायत पर पहले लाजपत नगर थाने में मामला दर्ज हुआ। बाद में जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ललिता व उसके बेटों ने इसी तरह से सिंडीकेट बैंक, ओबीसी, चोला मंडलम और हिन्दुजा लेलैंड लिमिटेड कंपनी से भी लोन लिया हुआ था। महिला ने बेटे बहू को भी गारंटर बनाया हुआ था।
जांच के बाद पुलिस ने महिला के बेटे शंकर सिंघल और आशीष सिंघल को गिरफ्तार कर लिया। महिला लगातार फरार रही। एक सूचना के बाद पुलिस ने मंगलवार को ललिता को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। मामले में बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।