दक्षिणी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 में एक बिजली उपभोक्ता से तीन लोगों का गिरोह ठगी की कोशिश कर रहा था। इनमें से रवि कुमार को रंगे-हाथ दबोच लिया गया, जबकि उसके सहयोगी निशांत और शकील बाइक से भाग निकले।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों तीन लोग खुद को बीएसईएस के एन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट का अधिकारी बताते हुए ग्रेटर कैलाश-2 के एस ब्लॉक स्थित एक घर में पहुंचे। घर में निर्माण कार्य चल रहा था। इन्होंने घर के मालिक से कहा कि वह बिजली का गलत प्रयोग कर रहे है। इस पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना होगा। उन्होंने बाद में इस मामले को 30 हजार रुपये में रफा-दफा करने की बात कही।
नकली एन्फोर्समेंट अधिकारियों ने उपभोक्ता को एंड्रयूजगंज बस स्टॉप पर मिलने बुलाया। बीएसईएस का एन्फोर्समेंट कार्यालय यही स्थित है। उपभोक्ता ने शक होने पर यह बात अपने करीबी को बताई और सूचना बीएसईएस को भी दी।
बीएसईएस ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बनाई और उपभोक्ता से तीनों को रुपये लेने के लिए बुलाने को कहा। जैसे ही तीनों रुपये लेने पहुंचे, उनमें से एक को दबोच लिया गया, जबकि दो भाग निकले। इस मामले में डिफेंस कॉलोनी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
इनसे होगी सही पहचान
बीएसईएस ने उपभोक्ताओं को अपने कर्मचारी की पहचान के लिए ये चीजें देखने की सलाह दी है। 1. बीएसईएस का लोगो, 2. बीएसईएस होलोग्राम, 3. जारी होने की तारीख, 4. वैधता (वैलिडिटी), 5. कर्मचारी की तस्वीर, 6. अधिकृत हस्ताक्षर, 7. कर्मचारी के हस्ताक्षर, 8. कर्मचारी संख्या/ पहचान पत्र संख्या, 9. ठेकेदार का नाम/ लोगो/ पता, 10. लेमिनेशन।