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एसीबी चीफ मुकेश मीणा के खिलाफ चार्जशीट

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भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के चीफ मुकेश मीणा के खिलाफ दिल्ली सतर्कता विभाग ने ट्रेनिंग स्कूल में तैनाती के दौरान पर्दा खरीद घोटाला मामले में चार्जशीट तैयार कर ली है।
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मुख्य सचिव केके शर्मा ने सतर्कता विभाग की ड्राफ्ट चार्जशीट केंद्रीय सतर्कता आयोग को भेज दी है। चार्जशीट में 23 लाख रुपये के पर्दा खरीद के फर्जी बिल की पुष्टि जांच में सामने आने की बात लिखी गई है। आगे की कार्रवाई केंद्रीय सतर्कता आयोग करेगा।

दिल्ली सरकार के सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार की तरफ से एसीबी में चीफ बनाए गए मीणा के खिलाफ सरकार शिकंजा और कसना चाहती है। इससे पहले 11 सितंबर को सीएनजी वाहन फिटनेस घोटाले की जांच केलिए जस्टिस एसएन अग्रवाल आयोग ने मुकेश मीणा के खिलाफ आयोग के सामने पेश नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी किया है।
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इस वजह से मीणा के खिलाफ हुई कार्रवाई

मीणा ने अपने अधीनस्थों से सीएनजी वाहन फिटनेस घोटाले से जुड़े कागजात किसी को भी नहीं देने के आदेश जारी कर दिए थे। दिल्ली सरकार को जून, 2015 में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज झड़ौदा कला से रिटायर इंस्पेक्टर जवाहर लाल ने 20 लाख रुपये केपर्दे और रॉड की खरीद में 11 मई से 25 जुलाई, 2005 में बतौर प्रिंसिपल मुकेश मीणा ने घपलेबाजी की।

न प्रशासनिक स्वीकृति ली गई और शक्ति से अधिक राशि का खरीद की गई। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले की जांच सतर्कता विभाग को सौंप दी थी।

जांच में विभाग ने पाया है कि 23 लाख रुपये के पर्दे व अन्य सामान की खरीद के फर्जी बिल लगाए गए। उसी का हवाला देकर केंद्रीय सतर्कता आयोग को ड्राफ्ट चार्जशीट भेजी गई है।
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इस मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक

हाईकोर्ट ने सीएनजी वाहन फिटनेस घोटाले की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग द्वारा एसीबी प्रमुख एमके मीणा के खिलाफ जारी गैरजमानती वारंट पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार व आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को 23 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है कि क्यों न आयोग के गठन के लिए जारी अधिसूचना को रद्द कर दिया जाए।

खंडपीठ ने यह निर्देश केंद्र सरकार व मीणा द्वारा आयोग के गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। दोनों ने आयोग के गठन को गैरकानूनी बताया है। आयोग के गठन को चुनौती देने वाली दो अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई 23 सितंबर तय है।
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