उन्नाव कांड से जुड़े हत्या और झूठा केस दर्ज कराने के मामले में आरोपित शरदवीर सिंह के खिलाफ सोमवार को अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले में पहले ही विधायक कुलदीप सेंगर सहित 10 लोगों के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं और उन पर मुकदमा चल रहा है।
तीस हजारी अदालत के जिला व सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने सीबीआई और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद शरदवीर सिंह के खिलाफ केस से संबंधित धाराओं में आरोप तय कर दिए। अदालत ने शरदवीर सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर जेल भेज दिया था।
अदालत ने सीबीआई के पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद शरदवीर को समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया था। आरोप है कि उसने पीड़िता के पिता को हथियार रखने के झूठे मामले में फंसाने में भूमिका निभाई थी।
हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश की अदालत ने आरोप तय किए थे, लेकिन दिल्ली की अदालत ने हत्या और आर्म्स एक्ट के मामलों को संयुक्त करते हुए आरोप तय किए थे। इन मामलों में कुलदीप सेंगर के अलावा उसका भाई जयदीप सिंह उर्फ अतुल सेंगर, माखी थाने का तत्कालीन प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया, एसआई कामता प्रसाद, सिपाही आमिर खान सहित कुल 10 आरोपी हैं।
हालांकि सीबीआई ने हत्या की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल नहीं किया था, लेकिन पीड़िता के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा की दलीलों के बाद हत्या की धाराओं में आरोप तय किए गए थे।