अदालत ने पहले कहा था कि आरोप तय करने के लिए प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड में पर्याप्त सामग्री है, जो हुसैन के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा करती है। अदालत ने कहा था कि यह स्पष्ट है कि ताहिर व अन्य ने दंगों के दौरान कई स्त्रोत से मिले धन का प्रयोग किया ताकि दंगों को अंजाम दिया जा सके।