दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात आयोजन मामले में 14 देशों के 294 नागरिकों के खिलाफ बुधवार को जिला अदालत में 15 आरोप पत्र दायर किए। पुलिस ने मंगलवार को 20 देशों के 82 जमातियों के खिलाफ 20 आरोप पत्र दायर किए थे। इस तरह अब तक 376 जमातियों के खिलाफ 35 आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
साकेत जिला अदालत की महानगर दंडाधिकारी साएमा जमील के समक्ष पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोप पत्र दाखिल किए। इन आरोप पत्रों में पुलिस ने तब्लीगी जमातियों के खिलाफ वीजा नियमों के उल्लंघन, सरकारी आदेशों के उल्लंघन, महामारी रोकथाम अधिनियम तथा निषेधाज्ञा तोड़ने संबंधी आरोप लगाए हैं। इन 294 विदेशी जमातियों में मलेशिया, थाईलैंड, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और अफ्रीका समेत अन्य देशों के हैं। इन आरोप पत्रों पर कोर्ट 17 जून को संज्ञान लेगी।
ताजा आरोप पत्र के अनुसार, पुलिस ने विदेशी नागरिकों को वीजा नियमों का उल्लंघन करने, कोविड19 महामारी के मद्देनजर जारी सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने और महामारी संबंधी अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा के नियमों के तहत आरोपी बनाया है। इसके अलावा लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा, जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की लापरवाही से काम करने की संभावना, घातक बीमारी के संक्रमण को खतरनाक रूप से फैलाने के लिए जीवन घातक कार्य और क्वारंटीन नियम की अवज्ञा के आरोप भी लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को 82 तबलीगी जमातियों के खिलाफ 15,449 पेज के 20 आरोपपत्र दायर किए थे। इन 82 जमातियों में से 14 जमाती फिजी से, 10 सऊदी अरब से, 8 अल्जीरिया से, 7 ब्राजील से, 7 चीन से, 6 सूडान से, 6 फिलिपिन्स से, 5 अमरीका से, 4 अफगानिस्तान से, 2 ऑस्ट्रेलिया से, 2 कजाखिस्तान से, 2 मोरक्को, 2 लंदन से और यूक्रेन, मिस्र, रूस, बेल्जियम, जॉर्डन, फ्रांस और ट्यूनिशिया से एक-एक जमाती शामिल हैं। मंगलवार को दाखिल आरोप पत्रों पर अदालत 12 जून को संज्ञान लेगी।