एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने और सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के साथ ही ठेकों के खिलाफ लोग लामबंद होने शुरू हो गए हैं। बड़खल विधानसभा क्षेत्र स्थित लक्कड़पुर फाटक के पास खुल रहे शराब के ठेके का स्थानीय निवासियों ने विरोध जमकर विरोध किया। गुस्साए लोगों ने पहले हंगामा किया और फिर ठेके को बंद करा दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ठेका दोबारा खुला पाया गया तो आग के हवाले कर दिया जाएगा।
स्थानीयवासियों का कहना है कि यह ठेका नियमों के अनुसार यहां नहीं खुल सकता। क्योंकि सरकार के आदेश के अनुसार आबादी वाले क्षेत्र में शराब का ठेका नहीं खोला जा सकता है। उनका कहना है कि सरकार के नियम के अनुसार 500 मीटर की दूरी पर ठेका खुल सकता है लेकिन जहां ठेका खोला गया है उसकी दूरी 460 मीटर है।
भाजपा नेता गजेंद्र भड़ाना ने कहा कि रातों रात ठेके पर लाइटिंग कर दी गई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर यह ठेका बंद नहीं किया खुला पाया जाएगा तो उसे आग के हवाले कर दिया जाएगा। उधर, आबकारी विभाग के सहायक कराधान अधिकारी अशोक शर्मा का कहना है कि रिहायशी वाले क्षेत्र में मंदिर, मस्जिद और स्कूल के 150 मीटर दायरे में ठेका नहीं खोला जा सकता है।
लगातार बढ़ रहा है विरोध
खासकर आबादी वाले क्षेत्रों में खुल रहे ठेकों के विरोध में लोग सड़क पर उतरने लगे हैं। पिछले दिनों गांव भनकपुर, मिर्जापुर, मंझावली और सुनपेड़ आदि ग्राम पंचायतों ने अपने क्षेत्र में खुले ठेकों का विरोध किया था और जिला उपायुक्त से मिलकर नए सत्र में ठेका नहीं खोलने की मांग की थी। एक अप्रैल को बल्लभगढ़ के चावला कॉलोनी में खुले ठेके के विरोध में लेागों ने खूब हंगामा किया था। विरोध करने वाली बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे के 500 मीटर के दायरे में खुले ठेकों को तत्काल बंद करने का आदेश पहले ही दे चुका है। कोर्ट के आदेश के बाद हाईवे के आसपास स्थित 13 रेस्टोरेंट में चल रहे बार को बंद करा दिया गया है।