किशोर अवस्था में शरीर में होने वाले परिवर्तन के डर को मन से निकालने के लिए अब जिला अस्पताल में 14 से 19 साल तक के बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी।
इस दौरान इनको बढ़ती उम्र के साथ उनके शरीर में होने वाले बदलाव के बारे में बताया जाएगा। लखनऊ से आई एनआरएचएम की टीम ने ये निर्देश दिए हैं। एक महीने में काउंसलर की नियुक्ति होगी। इसके साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों को काउंसलर के बारे में बताया जाएगा। ताकि वो अपने बच्चे की काउंसलिंग कराने ला सकें।
किशोरावस्था में आते ही शरीर में होने वाले बदलाव के कारण विद्यार्थी घबरा जाते हैं। उन्हें लगता है कि ये बदलाव सिर्फ उनके शरीर में ही आ रहे हैं। अपना यह डर वह किसी को बताने से भी हिचकते हैं।