एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 317 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 315, ग्रेटर नोएडा में 290 और गुरुग्राम में 273 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 199 दर्ज किया गया। यह हवा की संतोषजनक श्रेणी है।
निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण की हिस्सेदारी 16.59 फीसदी रही। इसके अलावा रोड डस्ट से 1.20, निर्माण गतिविधियों से 2.31, आवासीय प्रदूषण 4.05 और पेरिफेरल उद्योग से 8.108 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 850 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 240 और पीएम2.5 की मात्रा 133.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
बुधवार तक राहत नहीं
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।