पहले इस मिशन को 15 जुलाई को लॉन्च किया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर लॉन्च व्हीकल में तकनीकी खामी का पता चलने पर इसे टाल दिया गया था। इस मिशन को लेकर इसरो ने कई बदलाव भी किए हैं जिससे लॉन्चिंग में होने वाली देरी का प्रभाव नहीं होगा।
लॉन्चिंग की तारीख आगे बढ़ाने के बावजूद चंद्रयान-2 चंद्रमा पर तय तारीख 6-7 सितंबर को ही पहुंचेगा। इसे समय पर पहुंचाने का मकसद यही है कि लैंडर और रोवर तय कार्यक्रम के हिसाब से काम कर सकें। समय बचाने के लिए चंद्रयान पृथ्वी का एक चक्कर कम लगाएगा।
पहले 5 चक्कर लगाने थे, पर अब 4 चक्कर लगाएगा। इसकी लैंडिंग ऐसी जगह तय है, जहां सूरज की रोशनी ज्यादा है। रोशनी 21 सितंबर के बाद कम होनी शुरू होगी।