ग्रेटर नोएडा के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रमोहन की मौत के मामले में आरोपियों के परिजन मंगलवार को डीएम और एसपी से मिले।
ग्रामीणों ने मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि असल आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपी को निर्दोष बताया है। परिजनों का कहना है कि जिस जमीन को विवादित बताया जा रहा है वह अदालत में उसे जीत चुके हैं।
बीते बृहस्पतिवार रात को कार में रहस्यमय परिस्थितियों में लगी आग के बाद आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रमोहन की मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजनों ने कासना गांव के कुछ लोगों के खिलाफ तहरीर देकर हत्या का मामला दर्ज कराया था।
कासना गांव के आरोपियों के परिजन मंगलवार को भारी संख्या में डीएम एवी राजामौली से मुलाकात की। इसके बाद एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह से मिले और कहा कि उनके बच्चों और परिवार के लोगों पर गलत आरोप लगाया गया है। चंद्रमोहन से उनका कोई विवाद नहीं था और न ही किसी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि चंद्रमोहन मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस मामले में कोई भी निर्दोष व्यक्ति गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
चंद्रमोहन की पत्नी सविता का कहना है कि चंद्रमोहन पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद और गलत हैं। आरोपियों द्वारा अपने बचाव में ऐसे झूठे बयान दिए जा रहे हैं, जिससे पुलिस जांच से भटक जाए। मेरे पति पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे।