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ड्यूटी, घर और खेल..: नौकरी और परिवार के बीच चंचल रानी ने जीते 12 पदक, इनमें छह स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य

Tue, 13 Oct 2026 08:29 AM IST
Vijay Singh Pundir सोनम प्रतिहस्त, नई दिल्ली

सार

चंचल रानी वर्ष 2012 से रेलवे मंत्रालय में कार्यरत हैं। ड्यूटी और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें रोजाना अभ्यास का मौका नहीं मिल पाता। इसके बावजूद, वह महीने में करीब दस बार अभ्यास करने की कोशिश करती हैं।
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पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक के साथ चंचल रानी और उनके कोच देवेंद्र कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेलवे मंत्रालय में कार्यरत चंचल रानी ने सरकारी नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ खेल के मैदान में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने अब तक छह स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। इनमें वर्ष 2025 की अंतर मंत्रालय चैंपियनशिप में जीता गया स्वर्ण पदक भी शामिल है।

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चंचल रानी वर्ष 2012 से रेलवे मंत्रालय में कार्यरत हैं। ड्यूटी और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें रोजाना अभ्यास का मौका नहीं मिल पाता। इसके बावजूद, वह महीने में करीब दस बार अभ्यास करने की कोशिश करती हैं। प्रतियोगिता नजदीक आने पर वह अपनी तैयारी पर अधिक ध्यान देती हैं और रोजाना अभ्यास करती हैं। वह रेल भवन स्थित जिम में कोच देवेंद्र के मार्गदर्शन में प्रतियोगिताओं की तैयारी करती हैं। नियमित अभ्यास के लिए समय निकालना उनके लिए चुनौती है। हालांकि, वह खेल से अपना जुड़ाव बनाए रखने का प्रयास करती हैं। उनके लिए खेल की तैयारी केवल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने तक सीमित नहीं है। यह अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाए रखने का भी जरिया है।

2019 का यादगार मुकाबला
चंचल रानी के खेल सफर में ऑल इंडिया सिविल सर्विस नेशनल प्रतियोगिता 2019 खास महत्व रखती है। इस प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। यह मुकाबला आज भी उनके सबसे यादगार प्रतियोगिताओं में से एक है। इस उपलब्धि ने उनके सफर को एक पहचान दी। इसके बाद भी उन्होंने खेल जारी रखा और विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीते।
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व्यस्त दिनचर्या के बावजूद समर्पण
चंचल रानी ने 2025 में अंतर मंत्रालय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। यह उनके खेल सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। अब तक उनके नाम छह स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक दर्ज हैं। दो बच्चों की जिम्मेदारी और नौकरी के बीच खेल के लिए समय निकालना उनके सफर का अहम हिस्सा है।

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