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16 बेटियों के गुनहगार को जान का खतरा: कोर्ट में चैतन्यानंद ने लगाई याचिका, कहा- न कपड़े मिल रहे न खाना

Sat, 15 Nov 2025 04:53 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इससे पहले, 7 नवंबर को चैतन्यानंद ने सत्र अदालत से अपनी जमानत याचिका वापस ली थी, क्योंकि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आरोपों की जांच की आवश्यकता थी।
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आरोपी स्वामी चैतन्यानंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के एक निजी संस्थान में 16 छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती ने पटियाला हाउस कोर्ट में दावा किया कि तिहाड़ जेल में उनकी जान को खतरा है। यह आरोप यौन उत्पीड़न मामले में न्यायिक हिरासत में बंद चैतन्यानंद ने अदालत में लगाया। 

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चैतन्यानंद ने न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार के समक्ष यह कहा कि जेल अधिकारियों से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें साधु के वस्त्र पहनने की अनुमति नहीं दी गई है और न ही उन्हें साधुओं के लिए निर्धारित आहार दिया गया है। इसके बाद अदालत ने जेल अधिकारियों से इस मामले पर एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी और मामले की सुनवाई 18 नवंबर तक स्थगित कर दी।

इससे पहले, 7 नवंबर को चैतन्यानंद ने सत्र अदालत से अपनी जमानत याचिका वापस ली थी, क्योंकि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आरोपों की जांच की आवश्यकता थी। चैतन्यानंद पर आरोप है कि उसने छात्राओं को देर रात अपने क्वार्टर में बुलाया और अनुचित संदेश भेजे। 
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इसके अलावा, वह उनके व्यक्तिगत जीवन पर नजर रखता था। 62 वर्षीय चैतन्यानंद को 28 सितंबर को आगरा से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में 16 पीड़ितों में से 9 से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। सत्र अदालत ने कहा था कि पीड़ितों की संख्या को देखते हुए यह अपराध और भी गंभीर हो गया है।
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