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Delhi : वायरल के वायरस की नहीं टूट रही चेन, मरीज हफ्तों बेचैन, इन दिनों डेंगू भी बढ़ा रहा है लोगों की मुसीबत

Thu, 26 Oct 2023 05:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, नई दिल्ली

सार

मरीज वायरल के एक स्टेन से ठीक हो ही पाता है कि दूसरा कमजोर शरीर को आसनी से बीमार बना देता है। ऐसे में लोगों की सेहत लंबे समय तक खराब रह रही है।
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demo pic... - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना की तरह सामान्य वायरल से भी लोग हफ्तों बीमार पड़ रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह वायरल के वायरस की लगातार बन रही चैन है। मरीज वायरल के एक स्टेन से ठीक हो ही पाता है कि दूसरा कमजोर शरीर को आसनी से बीमार बना देता है। ऐसे में लोगों की सेहत लंबे समय तक खराब रह रही है।

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विशेषज्ञों की माने तो मरीज सामान्य तौर पर पांच से छह दिन तक वायरल की चपेट में रहते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से देखने में आया है कि वायरल से पीड़ित होने के बाद शरीर की इम्युनिटी काफी कम हो जाती है। ऐसे में यदि वह वायरल के दूसरे स्ट्रेन के संपर्क में आ जाते हैं तो वह आसनी से बीमार शरीर पर हावी होकर मरीज की हालत और खराब कर देता है। पिछले दो माह से अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। विशेषज्ञों की माने तो मार्च-अप्रैल में वायरल का एच3एन2 स्टेन देखने को मिला था, अब नया स्ट्रेन दिख रहा है। इससे बचाव के लिए कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। 

कोविड नियम से टूटेगी चेन 
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमितेश अग्रवाल ने बताया कि वायरल के वायरस के हजारों स्ट्रेन हैं। मरीज को एक स्ट्रेन एक बार बीमार बनाता है। उससे संक्रमण होने के बाद वह स्ट्रेन के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है, लेकिन वायरल का दूसरा स्ट्रेन संक्रमित कर सकता है। पिछले कुछ समय से देखने में आ रहा है कि वायरल के एक स्ट्रेन से संक्रमित होने के बाद मरीज लापरवाही करते हैं और आसानी से दूसरे स्ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। यहीं कारण है कि इन दिनों वायरल की समस्या कई सप्ताह तक देखने को मिल रही है। मरीज वायरल के अलग-अलग स्ट्रेन से कई संक्रमित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण से बचने के लिए कोविड नियमों का सख्ती से पालन करके अलग-अलग स्ट्रेन से होने वाले संक्रमण के चेन को तोड़ना होगा। वायरल जनवरी तक परेशान करेगा। 
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वायरल के साथ डेंगू भी बढ़ा रहा समस्या 
अस्पताल में आने वाले मरीजों में वायरल के साथ डेंगू के लक्षण भी है। कई सामान्य वायरल के मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव पाई गई है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी मरीज को बदन दर्द, सर में दर्द, सुस्ती के लक्षण दिखे तो डेंगू की जांच भी करवानी चाहिए। ऐसे कई केस दिख रहे हैं।

इम्युनिटी बनने में लग जाते हैं 4 से 6 हफ्ते 
शरीर में किसी भी संक्रमण के खिलाफ इम्युनिटी बनने में 4 से 6 सप्ताह का समय लग जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर वायरस अपनी प्रकृति के आधार पर मरीज को बीमार बनाता है। कोरोना महामारी के दौरान लोगों ने दो साल तक सख्ती से मास्क सहित अन्य कोविड नियमों का पालन किया, जिस कारण लोग वायरस के संक्रमण से दूर रहे। सख्ती कम होते ही अचानक फिर से वायरस ने लोगों को संक्रमण करना शुरू कर दिया। इस बीच लोगों में उसके खिलाफ इम्युनिटी नहीं बनी लेकिन वायरस अपना रूप बदलता रहा। ऐसे में हमारा शरीर वायरस के बदले हुए स्वरूप से लड़ने में सक्षम नहीं था।

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