अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने स्वीडन में रहने वाले भारतीय मूल के प्रोफेसर अशोक स्वैन की उस याचिका पर विदेश और गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने भारत में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने स्वैन की अंतरिम राहत की मांग पर भी नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी।
अशोक स्वैन एक अकादमिक और लेखक हैं, जो भारतीय मूल के हैं और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड धारक हैं। वह स्वीडन की उप्साला यूनिवर्सिटी में शांति और संघर्ष अनुसंधान के प्रोफेसर हैं। पहले सरकार ने उनका ओसीआई कार्ड रद्द कर दिया था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इस फैसले को दो बार रद्द किया। उन मामलों में सरकार ने कोर्ट को बताया था कि स्वैन का ओसीआई कार्ड रद्द करने और भारत में प्रवेश पर रोक लगाने का कारण उनकी भारत विरोधी गतिविधियां और हानिकारक प्रचार हैं। स्वैन ने मौजूदा याचिका में तर्क दिया है कि सरकार ने ब्लैकलिस्टिंग के आदेश, इसके विवरण या कानूनी आधार को सार्वजनिक नहीं किया है।