अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम घटे, भारत में क्यों नहीं?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की प्रति बैरल कीमत में काफी कमी आई है। इसके बावजूद भारत में इस साल मई महीने से पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर पर ही टिकी हुई है। मेरी मांग है कि पेट्रोल के दाम घटाकर 82 रुपये प्रति लीटर किए जाएं और इसी अनुपात में डीजल की कीमतों में भी कटौती की जाए।
ईंधन सस्ता होने से कम होगी महंगाई
'आप' संयोजक ने तर्क दिया कि अगर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम की जाती हैं, तो इसका सीधा असर माल ढुलाई और अन्य सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे देश में बढ़ती महंगाई से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
जनता की जेब काटकर अवैध मुनाफा कमा रही तेल कंपनियां
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल 2014 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कम से कम छह बार बड़ी गिरावट आई है, लेकिन सरकार ने देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं घटाए। सरकार उन वर्षों के दौरान कमाए गए इस 'बंपर मुनाफे' का क्या कर रही है? कंपनियों को जनता की जेब काटकर इस तरह अवैध मुनाफा कमाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए, जो कि मौजूदा समय में ऊंचे दामों के जरिए हो रहा है।