नई सरकार के गठन के बाद दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों की जांच होगी। इसके बाद इन्हें रीमॉडलिंग के तहत फिर से लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने लायक बनाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा, दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों को लेकर अब तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने केंद्र के साथ प्रगति रिपोर्ट साझा नहीं की। हमें नहीं पता कि इससे आम मरीजों को कितना लाभ हुआ? कई तरह की रिपोर्ट हमारे सामने हैं जो इस पूरे मॉडल पर भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़ा कर रही हैं।
विज्ञान भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इस बार के आम बजट में हुई घोषणाओं को लेकर चर्चा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बीते 10 साल में स्वास्थ्य बजट में करीब 160 फीसदी का इजाफा होने की जानकारी दी गई।
साल 2014 में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के पहले बजट में स्वास्थ्य को कुल 36,948 करोड़ रुपये आवंटित हुए जो 2025 के बजट में बढ़कर 99,858 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। इसमें 55 फीसदी हिस्सा करीब 53,041 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं के लिए राज्यों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के लिए 37,226 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।
11 जिलों में 12 से ज्यादा तरह की जांच, दवाएं उपलब्ध होंगी
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बुनियादी ढांचे के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की दो योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर हैं। राज्य सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद अगर दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना होती है तो सभी 11 जिलों में इनमें 12 से भी ज्यादा तरह की जांच, दवाएं उपलब्ध होगीं।