दिल्ली में नई सरकार के गठन को अंतिम रूप देने के लिए भाजपा नेतृत्व को अब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश यात्रा से लौटने का इंतजार है। इस बीच लंबे विमर्श और मंथन के बाद सरकार के गठन के लिए तीन फाॅर्मूले तैयार किया गया है। फार्मूले में दो डिप्टी सीएम बनाने का भी प्रस्ताव है। नई सरकार प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले दिल्ली की आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करेगी। इसी क्रम में दो महीने के अंदर यमुना की सफाई पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसकी कार्ययोजना पेश करेगी।
पार्टी के शीर्ष सूत्र के मुताबिक, नई सरकार का गठन महज औपचारिकता है। इससे संबंधित सभी विमर्श पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री जैसे ही विदेश से लौटेंगे, इस पर अंतिम फैसला हो जाएगा। सूत्र के मुताबिक, योजना 16 फरवरी को विधायक दल की बैठक बुलाने और 20 फरवरी से पहले नई सरकार का शपथ कराने की है। उन्होंने कहा कि सरकार की कमान उसे दी जाएगी, जिसे दिल्ली और बेहतर प्रशासनिक समझ हो। साथ ही नई सरकार में भारत की रूपरेखा प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
शीर्ष सूत्र ने कहा कि चाहे मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी या महिलाओं के मुफ्त सफर से संबंधित योजना, किसी को बंद नहीं किया जाएगा। इसके उलट चरणबद्ध तरीके से जल्द से जल्द दिल्ली की जनता से किए गए वादे को पूरा किया जाएगा। दिल्ली का बजट घाटे में है। वर्तमान स्थिति क्या है यह दिल्ली के लोगों को जानना जरूरी है। ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर राजधानी की आर्थिक स्थिति पर नई सरकार श्वेत पत्र जारी करेगी।
यमुना के लिए बड़ी कार्ययोजना : यमुना को साफ करना नई सरकार की अहम प्राथमिकताओं में से एक होगी। इसलिए दो महीने के अंदर यमुना की वर्तमान स्थिति, इस पर अब तक किए गए खर्च और कामों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
सरकार गठन के 3 फाॅर्मूले
- नई सरकार के गठन के लिए तीन फाॅर्मूले तैयार किए गए हैं। तीनों फाॅर्मूले में अलग-अलग क्षेत्रीय, राजनीतिक, वर्गीय राजनीति को साधने के रास्ते तलाशे गए हैं। इन्हीं तीन फाॅर्मूले में से एक फाॅर्मूले पर सहमति के बाद विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। सूत्र ने बताया कि मंत्रिमंडल, निगम और बोर्डों में गांव, गरीब, महिला, किसान का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।