फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घिटोरनी में नया शहर बसाएगी केंद्र सरकार, 15,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना

Wed, 21 Jun 2017 10:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
घ‌िटोरनी में बसाया जाएगा नया शहर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
केंद्र सरकार राजधानी के घिटोरनी इलाके को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। नया शहर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। पूरे शहर की इमारतें ग्रीन बिल्डिंग के मानक पर तैयार होंगी।
विज्ञापन


वहीं, बिजली, पानी, सड़क, सुरक्षा जैसी सुविधाओं के विकास में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। मंत्रालय सूत्रों की मानें तो 240 एकड़ में विकसित होने वाले इस शहर का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। कोशिश पांच साल में नई सब-सिटी तैयार करने की है।

एनडीएमसी एरिया से 13 किलोमीटर और गुरुग्राम से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित घिटोरनी में 240 एकड़ जमीन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के पास है। फिलहाल यह इलाका वीरान है। यहीं पर नई स्मार्ट सिटी बसाने की केंद्र सरकार की योजना है।
विज्ञापन


इस बारे में मंगलवार को केंद्रीय शहरी विकास सचिव राजीव गाबा ने सीपीडब्ल्यूडी व राष्ट्रीय भवन निर्माण कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने प्रस्तावित प्रोजेक्ट से जुड़ी जरूरतों की जानकारी ली।

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, प्रोजेक्ट पर 15,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूरा बजट स्थानीय स्रोतों से जुटाया जाएगा। यहां 7,000 आवासीय इकाइयां बनेंगी। इसमें से पांच सौ इमारतों की   बिक्री होगी। वहीं, टाइप दो से आठ तक के 6,500 मकान सरकारी अधिकारियों के लिए होंगे। इसके अलावा ऑफिस व कमर्शियल कांम्लेक्स से भी राजस्व जुटाया जाएगा।
विज्ञापन


घिटोरनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
-केंद्रीय शहरी मंत्रालय के अधीन दो एजेसियां सीपीडब्ल्यूडी व एनबीसीसी विकसित करेंगी शहर
-सीपीडब्ल्यूडी जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन के तहत बनाएगा टाइप दो से टाइप आठ तक के 6,500 मकान। लोक उद्यमों के लिये बनेगा कार्यालय।
-एनबीसीसी बिक्री के लिए बनाएंगे 500 मकान। व्यावसायिक कॉप्लेक्स व ऑफिस का भी होगा निर्माण।
-पूरे शहर का स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकास। इमारतें होंगी ग्रीन, हर बूंद पानी के रिचार्ज का भी इंतजाम।
-स्मार्ट मीटर लगाने के साथ सौर ऊर्जा बिजली की जरूरत पूरी होगी।
-अत्याधुनिक सुरक्षा इंतजामों से युक्त शहर में मिलेगी वाई-फाई सुविधा।
-परिवहन के लिए होगा मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम।
-पेयजल व कचरा प्रबंधन के लिए दोहरी पाइप लाइन बिछेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें