सिग्नेचर ब्रिज विवाद मामले में आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने एक बयान जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस को राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
साथ ही मोदी सरकार ने आम आदमी पार्टी को तानाशाही रवैये से कुचलना चाह रही है। इससे अधिक शर्मनाक क्या हो सकता है कि दिल्ली पुलिस के जिस अधिकारी पर सार्वजनिक रूप से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने हमला किया । वर्दीधारी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अपराध किया गया, उसे ट्रेनिंग पर भेज दिया गया। सिग्नेचर ब्रिज मामले में तीन एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन एफआईआर नंबर नहीं बताया जा रहा है। केंद्र सरकार से संजय सिंह ने पूछा है कि ई-मेल के माध्यम से दिल्ली पुलिस को कितनी शिकायतें भेजी गई हैं, अभी तक प्रारंभिक पूछताछ की औपचारिकताओं के बगैर ई-मेल की शिकायत पर जांच क्यों छोड़ दी जाती है।
‘अंग्रेजों के नाम से बने संस्थान का नाम क्यों नहीं बदल रहे’
संजय सिंह ने नाम बदलने की राजनीति पर भी भाजपा को आड़े हाथ लिया। ट्वीट कर उन्होंने कहा है कि अंग्रेजों के नाम पर बने किसी संस्थान का नाम बदलने की पहल भाजपा और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने क्यों नहीं की। आरएसएस का अंग्रेजों के साथ क्या रिश्ते था। क्या आरएसएस क्रांतिकारी की मुखबरी करने और अंग्रेजों का साथ देने का आरोप सही है।