वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने दिल्ला सरकार को पत्र लिखकर 65 लाख रुपए की फीस मांगी है। बता दें कि आप सरकार ने 2016 में दिल्ली उच्च न्यायालय में लेफ्टिनेंट गवर्नर के खिलाफ अपने मामलों का प्रतिनिधित्व करने के लिए जैसिंग को अतिरिक्त वकील के रूप में नियुक्त किया गया था।
उन्होंने दिल्ली सरकार के 6 विभागों को 19 बिल भेजे हैं। यह बिल एल-जी अनिल बैजल की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिलों को वित्त विभाग और मुख्य सचिव के पास मंजूरी के लिए भेज दिए गए हैं। अधिकारी ने आगे कहा, अभी तक एल-जी द्वारा बिल को अनुमोदित नहीं किए गए हैं।
कानून मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि विशेष मामलों में सरकार द्वारा इस तरह के बिलों को मंजूरी दी जा सकती है। हालांकि, बिलों को अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है। दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य वरिष्ठ वकीलों में गोपाल सुब्रमण्यम, राजीव धवन और केके वेणुगोपाल शामिल हैं। जबकि सुब्रमण्यम और धवन ने कुछ भी चार्ज करने से इंकार कर दिया था, जबकि वेणुगोपाल के बिल अभी भी लंबित हैं।
बता दें कि इससे पहले राम जेठमलानी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 2 करोड़ रुपये का बिल भेजा था क्योंकि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि के मामलों में उनका का केस लड़ा था।