केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक की योजनाओं को शुरू करने के लिए गुरुग्राम को चुना जा रहा है। कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की शुरुआत गुड़गांव से हुईं, फिर उसे देश के अन्य हिस्सों में अमल कराया गया है।
जिससे शहर को एक नई पहचान मिल रही है। यह शहर योजनाओं की प्रयोगशाला बन रहा है। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। शहर के लोग इस पर नाज कर सकते हैं।
हरियाणा सरकार में कई अहम पदों पर रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एनसी वाधवा कहते हैं कि गुडग़ांव से योजनाओं की शुरुआत होने के दो कारण हैं। दिल्ली में जगह की कमी और गुड़गांव की अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से नजदीकी। यहां से शुरू हुई योजनाएं लगातार सफल हो रही हैं।
रक्षा विश्वविद्यालय
देश के पहले रक्षा विश्वविद्यालय की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 23 मई 2013 को गांव बिनोला में भारतीय राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के रूप में रखी। प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय 200 एकड़ से अधिक भूमि पर स्थपित होगा। यह 2018 में पूरी तरह से कार्य करना शुरू करेगा। राष्ट्रपति विश्वविद्यालय के विजिटर होंगे तथा रक्षा मंत्री इसके चांसलर रहेंगे।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का सचिवालय
विश्व के 121 सौर पुत्र देशों का गठबंधन के अंतरराष्ट्रीय सचिवालय की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने की थी। सौर ऊर्जा की महत्व को देखते हुए कर्क और मकर रेखा के बीच स्थित 121 देशों के लिए नीति, तकनीक, प्रौद्योगिकी और शोध यहीं होना है। सचिवालय की स्थापना होने के साथ ही राष्ट्रीय सौर संस्थान को नई ऊर्जा मिली है।
समुद्र निगरानी सेंटर
समुद्री सीमा से होने वाली घुसपैठ पर लाइव निगरानी रखने के लिए नौसेना ने सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र(आईएमएसी) की स्थापना गुडग़ांव के बादशाहपुर रोड स्थित एयरफोर्स स्टेशन में की है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने नवंबर 2015 में इसे शुरू किया था। इस सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र में आधुनिक संचार प्रणाली लगी हुई है। इसके साथ ही नौसेना, कोस्ट गार्ड, मरीन पुलिस और कस्टम को मिलाकर एक ज्वाइंट ऑपरेशन सेंटर बनाया गया है। पूरी समुद्री सीमा का डाटाबेस एक साथ जोड़ा गया है।