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किन्नरों का पंचायती फरमान पर हमला, शगुन का रेट तय करने पर भड़की पीठाधीश

Thu, 09 Mar 2017 09:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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- फोटो : अमर उजाला
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किन्नर समाज फर्रूखनगर की डेरा प्रमुख एवं हरियाणा किन्नर समाज की पीठाधीश बुलबुल ने कहा है कि किन्नर समाज ब्याह-शादियों व कुआं पूजन के शगुन की बधाई देने के लिए किसी भी प्रकार के निर्धारित रेट को नहीं मानेंगे।
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बुलबुल ने बुधवार को पटौदी में हुई पत्रकार वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि लोग अपनी हैसियत के मुताबिक ही शगुन के तौर पर बधाई देते हैं। उनके अनुसार कि अगर कोई किन्नर लोगों से बदतमीजी करते हैं, ऐसे किन्नरों के बारे में उन्हें तुरंत सूचना दें।

ऐसे लोगों के कारण पूरा किन्नर समाज बदनाम हो रहा है। ऐसे किन्नरों का डेरे से बहिष्कार कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया है कि पिछले दिनों गांव जाटौली में जिस किन्नर ने लोगों के बदसलूकी की थी, उसे डेरे ने निकाल दिया है।
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उन्होंने लोगों से अपील की है, अगर ग्रामीणों ने किन्नरों को शगुन की राशि निर्धारित कर दी, तो उनको नुकसान झेलना पड़ेगा। लोगों से जानना चाहती हूं कि वह लोग ब्याह-शादियों में दान-दहेज लेना-देना बंद कर दें, इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा।

ऐसे लोग किन्नर समाज को भी पत्र देकर उन्हें बताए कि दान-दहेज नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि किन्नरों का शादी-ब्याह व कुआं पूजन पर शगुन लेने की परंपरा वर्षों पुरानी है लेकिन आज तक कभी भी इसकी राशि निर्धारित नहीं की गई।

उन्होंने कहा है कि चाहे मेरा किन्नर समाज में जन्म हुआ है, लेकिन मैं भी एक समाज सेवी हूं। जहां पर रहती हूं वहां पर कई निर्धन लड़कियों की ब्याह-शादियां करवा चुकी हूं। इससे अच्छा समाज के लिए क्या काम हो सकता है।
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