प्रॉपर्टी डीलर जनकराज गुप्ता के घर हथौड़ा गैंग के धावे ने एक बार फिर शहर में कानून व्यवस्था की पोल खोल दी। अपराधियों के हौसले कितने बुलंद है और सूचना के बावजूद पुलिस कितनी सक्रिय है, इसकी हकीकत सामने आ गई।
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पुलिस से मदद की उम्मीद खत्म होने पर जनकराज ने पहली मंजिल पर रहने वाले भाई सोनू गुप्ता को फोन किया। सोनू गुप्ता ने ऊपर से ही शोर मचाना शुरू किया तो बदमाश भाग निकले।
जनकराज ने बताया कि फिलहाल एक मोबाइल और कुछ नकदी जाने की जानकारी है, डकैत अलमारी के अंदर से क्या क्या सामान ले गए इसका हिसाब लगाना मुश्किल है। सूचना मिलने के करीब एक घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, वारदात की गंभीरता को देखते हुए आला अधिकारियों को सूचना दी गई।
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मौके पर पहुंची फोरेंसिक एक्सपर्ट, डॉग स्क्वायड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और क्राइम ब्रांच टीमों ने जांच पड़ताल की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
हथियारबंद पांच डकैतों ने मंगलवार को सेक्टर 17 निवासी प्रॉपर्टी डीलर जनकराज गुप्ता के घर धावा बोला। परिवार वालों की आंख खुलने पर उन्होंने डाकुओं से संघर्ष किया। डाकुओं ने हथौड़ी के वार से महिला सहित परिवार के तीन सदस्यों के सिर फाड़ डाले और लूटपाट की।
डकैत एक मोबाइल व नकदी के अलावा डकैत घर से और क्या ले गए हैं, इसका आकलन किया जा रहा है। डकैतों से संघर्ष के दौरान परिवार वाले 100 नंबर पर कॉल कर मदद मांगते रहे, लेकिन उन्हें सही प्रतिक्रिया नहीं मिली। सूचना देने के एक घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
सामने आई 100 की हकीकत
हमले में घायल अंकित।
- फोटो : अमर उजाला
जनकराज शर्मा के मुताबिक बदमाशों से संघर्ष के दौरान उन्होंने 100 नंबर पर कई बार कॉल किया। घंटी जाती रही लेकिन किसी ने उठाया नहीं। एक बार कॉल रिसीव हुई तो उसने बताया कि वह दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम से बोल रहा है। फरीदाबाद पुलिस को सूचना देने के बजाय दिल्ली पीसीआर वाले ने उन्हें फरीदाबाद पीसीआर का लैंड लाइन नंबर नोट करने को कहा।
उनका कहना है कि बदमाशों से संघर्ष के दौरान वह ऐसी स्थिति में नहीं थे कि कापी पेन पर नंबर नोट करते, मजबूरी में उन्हें फोन काटना पड़ा। काफी प्रयास के बाद एक बार कॉल उठी, लेकिन तब तक बदमाश जा चुके थे। डीसीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में फोन मिलने की बात सामने आई है इसकी जांच करवाई जाएगी।
दो घंटे तक गलियों मे घूमे बदमाश
प्रॉपर्टी डीलर का घर
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बदमाश जनकराज गुप्ता के घर में पहले रात 1:45 बजे के करीब पहुंचे। घर में घुस कर भूतल से छत तक चले गए, लेकिन उन्हें कहीं कुछ खुला नहीं मिला तो बाहर निकल गए। बदमाश करीब पचास मिनट तक सेक्टर 17 की गलियों में घूमते रहे। किसी वाहन के आने पर बदमाश छिप जाते और उसके बाद फिर खोजबीन पर निकल जाते। पौने तीन बजे दोबारा जनकराज के घर पहुंच कर बदमाशों ने वारदात अंजाम दी।
जनकराज गुप्ता के घर से पहली बार लौटे बदमाश बेकरी कारोबारी रवि झा के घर में भी घुसे। यहां बदमाशों ने ग्रिल तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद करीब पौने तीन बजे जनकराज के घर पहुंचे।
जनकराज गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर रहे बदमाशों का ध्यान सीसीटीवी कैमरों की ओर गया तो उन्होंने अपने रुमाल, अंगौछे से अपने चेहरे ढक लिए। बावजूद इसके कुछ जगहों पर बदमाशों के चेहरे सीसीटीवी में साफ कैद हो गए। पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है।
भूपेंद्र सिंह, डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि सेंट्रल थाने में डकैती का केस दर्ज करा केस को जल्द सॉल्व करने के लिए क्राइम ब्रांच की तीन अलग अलग टीमों को लगाया गया है। जनकराज के घर से मिली सीसीटीवी फुटेज के जरिए बदमाशों तक जल्द ही पहुंच जाएंगे।