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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम

Thu, 09 Mar 2017 09:21 AM IST
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम में नवनिर्मित क्रिकेट स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैच कराने के लिए आईसीसी और बीसीसीआई के मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए आईसीसी और बीसीसीआई से चेकलिस्ट मंगाई गई है।
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चेकलिस्ट के मुताबिक एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच कराने के लिए स्टेडियम में कई प्रकार के आधुनिक कैमरे सहित कई अन्य जरूरी चीजें लगानी हाेंगी। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद नोएडा प्राधिकरण इस ओर कदम बढ़ाएगा।

प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा क्रिकेट स्टेडियम में फिलहाल 25,000 कुर्सियों की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा पिच को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए इस पर काम करना होगा। ठोस पिच इस तरह के मैच के लिए जरूरी होती है।
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यही नहीं स्टेडियम की आउट फील्ड पर भी काफी काम करना होगा। हालांकि, लोकार्पण के समय आउट फील्ड को बेहतर बनाया गया था। मैच कराने के लिए जरूरी स्कोर बोर्ड लगाने का काम बाकी है। इसके बिना मैच कराना संभव नहीं है।

वहीं, डे-नाइट मैच कराने के लिए स्टेडियम में उच्च क्षमता की पांच फ्लड लाइट लगेंगी। खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम और पवेलियन बनाना भी जरूरी है। लोकार्पण के समय ड्रेसिंग रूम का काफी काम बचा हुआ था। निरीक्षण के दौरान स्टैंड का भी अहम रोल होता है। इसके लिए भी योजना बनाई जाएगी।

एक अंतरराष्ट्रीय मैच में सबसे अहम रोल कैमरों का होता है। कैमरे की मदद से रन आउट, स्टंप आउट, बैट और बॉल का कनेक्शन, गेंद की गति सहित कई चीजों का विश्लेषण किया जाता है। यह थर्ड अंपायर के लिए सहायक होता है।

अगले साल आईपीएल कराना होगा लक्ष्य
प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो इस प्रकार से तैयारी की जा रही है कि ताकि अगले साल यहां आईपीएल के मैच कराए जा सकें। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए भी प्रयास करने की बात बताई गई।

इन आधुनिक कैमरों की होगी जरूरत
- स्पाइडर कैम: टेलीविजन पर हर एंगल से मैदान दिखाने के लिए स्पाइडर कैम का इस्तेमाल होता है। यह कैमरा बहुत ही पतली केबल में जुड़कर स्टेडियम के हर कोने में लगा रहता है। स्पाइडर कैमरा ब्रॉडकास्टर की जरूरतों के मुताबिक स्टेडियम में होने वाली गतिविधियों को टिल्ट, जूम या फोकस कर देता है।
- स्नीकोमीटर: इससे यह पता लगेगा कि बल्ले ने बॉल को छुआ है या नहीं। इसे पिच की दोनों तरफ किसी एक स्टंप में लगाया जाता है।
- स्पीड गन: गेंदबाज के हाथ से बॉल किस गति पर छूटी, यह मापने के लिए स्पीड गन का इस्तेमाल किया जाता है।
- सुपर स्लो मोशन कैमरा: इसे स्टेडियम में 500 फ्रेम प्रति सेकेंड पर लगाया जाता है। इस तकनीक का इस्तेमाल रिप्ले, रन आउट और स्टंपिंग को देखने के लिए किया जाता है।
- हॉक आई: इसमें छह कैमरे लगेंगे। इस तकनीक का इस्तेमाल तब किया जाता है जब बल्लेबाज विकेट के सामने खड़ा हो और एलबीडब्ल्यू के मामले में यह पता करना होता है कि बॉल विकेट पर लगेगी या नहीं।
- हॉट स्पॉट: स्टेडियम में लगे इंफ्रारेड कैमरों की मदद से यह तकनीक बताएगा कि बॉल बल्ले से टकराई है या फिर नहीं।

नोएडा के क्रिकेट स्टेडियम को आईसीसी और बीसीसीआई के मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैच कराया जा सके। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद मानक के मुताबिक स्टेडियम को तैयार करने के लिए काम किया जाएगा।
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- दीपक अग्रवाल, सीईओ, नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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