दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को वित्त वर्ष-2017-2018 में भी बिजली की सब्सिडी मिलती रहेगी। 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता इसके दायरे में आएंगे। सरकार का कहना है कि करीब 90 फीसदी बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
दिल्ली में 85 से 90 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं जो प्रति माह चार सौ यूनिट तक ही बिजली खपत करते हैं। 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर 50 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। सब्सिडी का लाभ एनडीएमसी के बिजली उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।
सरकार बिजली सब्सिडी पर 1600 करोड़ रुपये खर्च करेगी जबकि ऊर्जा विभाग के लिए 2194 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है। बजट में घोषणा की गई है कि शहरी ठोस कचरे के निपटारे के लिए ओखला, गाजीपुर और बवाना में कचरे से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र को मंजूरी दी है, जिनकी कुल क्षमता 52 मेगावाट बिजली पैदा करने की है। ओखला में 16 मेगावाट क्षमता का संयंत्र पहले से ही काम कर रहा है। इन संयंत्रों में रोजाना 2000 टन कूड़ा-कचरा निपटाया जा सकेगा।
बजट घोषणा के मुताबिक अगले पांच वर्षों में फोटोवोल्टैक प्रणालियां स्थापित करके 1000 मेगावाट क्षमता सृजित करने और 2025 तक इसे 2000 मेगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य है। 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल की छत वाली सभी सरकारी इमारतों पर ऊर्जा प्रणालियां लगाना अनिवार्य कर दिया है। घरेलू उपभोक्ता यदि सोलर प्लांट लगाते हैं तो उन्हें प्रति यूनिट दो रुपये प्रति किलोवाट की दर से बिजली उत्पादन पर सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।