न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एजे भांबानी की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस से कैमरों की खरीद के लिए फ्लोटिंग टेंडर के लिए कदम उठाने और कैमरे लगाने वाली एजेंसियों से उन्हें लगवाने के लिए कहा है ताकि समय पर कैमरे लगाने का काम किया जा सके।
कोर्ट ने कहा कि पुलिस को खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है। इससे पहले दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा और राजेश महाजन ने कोर्ट को बताया कि 44 कमजोर स्थानों में करीब 7 हजार कैमरे स्थापित करने में 18 महीने लगेंगे। इन उच्च तकनीकी कैमरों की खासियत के साथ उन्होंने इस पर 404 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी कोर्ट को दी।
सामाजिक कार्यकर्ता अजय गौतम ने भी याचिका दायर कर पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे उठाने के मुद्दे को उठाया है। इस पर पुलिस ने 111 पुलिस स्टेशनों में 15 जनवरी तक सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा होने का हलफनामा दायर किया था।