फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CBSE: पहले दिल्ली हिंसा में घर के साथ जलीं किताबें, फिर कोरोना ने लगाया ग्रहण, अब नरगिस ने जीता जहां

Wed, 15 Jul 2020 02:28 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
नरगिस नसीम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कक्षा 12वीं की छात्रा नरगिस नसीम उत्तर-पूर्वी दिल्ली की रहने वाली है। इस साल उसने बोर्ड की परीक्षा दी, लेकिन परीक्षा देने से पहले सपने में भी नहीं सोचा था कि जब उसके इम्तिहान शुरू होंगे तो स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 24 फरवरी को जब वह अपना शारीरिक शिक्षा का पेपर देने निकली थी तो रास्ते में ही उसके घर के पास खजूरी खास में हिंसा भड़क गई।

विज्ञापन


अपने एक रिश्तेदार के साथ परीक्षा देने गई नरगिस सकुशल घर वापस तो लौट आई लेकिन अगले दिन ही दंगाइयों ने उसका घर जला दिया और उसे परिवार के साथ किराए के कमरे में रहना पड़ा जहां अन्य हिंसा पीड़ित लोग रह रहे थे। इस आग ने न सिर्फ उसका घर बल्कि उसकी सभी किताबें भी जला दीं।

हालांकि उसके माता-पिता ने हिम्मत नहीं हारी और चंदा इकट्ठा कर बेटी नरगिस के लिए किताबें लाए। इसके बाद उसने मात्र एक परीक्षा दी थी और वो थी राजनीति शास्त्र जिसके बाद परीक्षाओं पर कोरोना वायरस का ग्रहण लग गया और सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

नरगिस ने नहीं सोचा था आएंगे इतने नंबर

इन चार महीनों में जब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए थे, तब तक वह बस यही मान रही थी कि उसके ठीक-ठाक नंबर आ जाएंगे क्योंकि उसने जिन दो विषयों के पेपर दिए थे वो अच्छे हुए थे। लेकिन बीते सोमवार को जब सीबीएसई ने 12वीं के रिजल्ट घोषित किए तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। वह परीक्षा में 62 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण हुई है।

वह बताती है कि मेरे शारीरिक शिक्षा के पेपर के दिन मैं घर से निकली तो गोकुलपुरी के स्कूल जाते वक्त हिंसा भड़की हुई देखी। उस दिन घर लौटते वक्त हमें कोई साधन नहीं मिला और हमें पैदल गलियों से होकर घर वापस आना पड़ा।

नरगिस के अंकल सलीम ने परिवार की बहुत मदद की। उनका कहना है कि बच्ची ने बहुत अच्छा किया है और हम सबको उस पर नाज है। ऐसी परिस्थितियों के बाद भी वह 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाई है। यह हमारे लिए बहुत है क्योंकि कुछ माह पहले हम अपनी जान बचाने के लिए भी भाग रहे थे।

हालांकि नरगिस को अफसोस है कि अगर हालात सामान्य होते तो वह और अच्छे अंक लाती। उसने बताया कि एक एनजीओ ने उसे किताबें मुहैया कराईं और पढ़ाई में भी मदद कर रही थी। वैसे तो सीबीएसई जो पेपर कैंसिल हैं उनकी दोबारा परीक्षा कराएगी लेकिन तब तक देर हो जाएगी। नरगिस फैशन डिजाइनर बनना चाहती है और इस समय कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें