सबसे बड़े कोविड अस्पताल एलएनजेपी में प्लाजमा थेरेपी की शुरुआत की गई। पहले चरण में करीब 80 मरीजों को थेरेपी दी गई। इसके परिणाम अच्छे आने के बाद निजी अस्पतालों में भी यह शुरू हुई। लोगों को प्लाज्मा लेने में परेशानी ने हो इसके लिए आईएलबीएस संस्थान और एलएनजेपी अस्पताल में प्लाज्मा बैंक बनाए गए। इनके माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को आसानी से प्लाज्मा मिल रहा है। अब तक आईबीएलएस संस्थान से 200 से अधिक मरीजों को प्लाज्मा दिया जा चुका है।
मृत्य दर कम हई
दिल्ली में मृत्यु दर 3 फीसदी से कम हो गई है। मृत्यु दर कम करने के लिए सरकार ने सभी जरुरतमंद लोगों के घर ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर की व्यवस्था की। साथ ही कोविड अस्पतालों में आईसीयू बेड की संख्या को भी बढ़ाया। इससे मरीजों को समय रहते सही इलाज मिल गया। जिससे मृत्यु दर कम हुई।
मरीजों की काउंसलिंग
करीब 11 हजार मरीज इस समय होम आइसोलेशन में है। सरकार ने इन सभी मरीजों को आइसोलेशन के नियमों के बारे में समझाया । डॉक्टरों की एक टीम सभी मरीजों के संपर्क में रहती है। जो इन्हें जरूरी दवाइयों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराती है।
बेड कि संख्या को बढ़ाया और एप पर इनकी जानकारी उप्लब्ध कराई
दिल्ली सरकार कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड कि संख्या को भी बढ़ाया। इस समय राजधानी के कोविड अस्पतालों में 15300 बेड हैं। इनमें से 11106 खाली है। लोगों को बेड की उपलब्धता के विषय में सही जानकारी मिल सके । इसके लिए दिल्ली कोरोना एप भी बनाया गया।
एंबुलेंस की उपलब्धता के लिए विशेष प्रबंध किया
समय रहते मरीजों को एंबुलेंस की उपलब्धता हो इसके लिए सरकार ने एंबुलेंस वार रूम स्थापित किया। जहां पर कॉल करके लोगों को एंबुलेंस की सही जानकारी मिलती रही। कैट एम्बुलेंस सर्विस में 600 वाहनों को और जोड़ा गया। अब दिल्ली मे कुल 750 एंबुलेंस कोरोना मरीजों को लाने ले जाने के काम में लगी है। साथ ही वार रूम के हैल्पलाइन नंबर पर कॉल करके लोगों को आसानी से एंबुलेंस मिल जाती है ।जिससे समय रहते मरीज को अस्पताल में भर्ती हो जाते है।
सबको साथ लेकर चलने की रणनीति
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार सबको साथ लेकर चली और केंद्र सरकार से लेकर समाज के सभी वर्गों से इसके लिए सहयोग मांग गया। केंद्र ने दिल्ली में दो बडे कोविड सेंटर बनाने में सहयोग देने के साथ-साथ मास्क,पीपीई किट,एंटिजन किट की भी सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा कई स्वम सेवी संस्थाओं की डॉक्टरों ने भी कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में सरकार का सहयोग किया।
लोगों को जागरूक किया
एक समय लोगों में कोरोना का काफी डर था। लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार ने सोशल साइटों के जरिए कई अभियान चलाए। सभी को मास्क लगाने भीड़ से बचने और सामाजिक दूरी का पालन करने की सलाह दी गई। इन कदमों से बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगी।