इन चार महीनों में जब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए थे, तब तक वह बस यही मान रही थी कि उसके ठीक-ठाक नंबर आ जाएंगे क्योंकि उसने जिन दो विषयों के पेपर दिए थे वो अच्छे हुए थे। लेकिन बीते सोमवार को जब सीबीएसई ने 12वीं के रिजल्ट घोषित किए तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। वह परीक्षा में 62 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण हुई है।
वह बताती है कि मेरे शारीरिक शिक्षा के पेपर के दिन मैं घर से निकली तो गोकुलपुरी के स्कूल जाते वक्त हिंसा भड़की हुई देखी। उस दिन घर लौटते वक्त हमें कोई साधन नहीं मिला और हमें पैदल गलियों से होकर घर वापस आना पड़ा।
नरगिस के अंकल सलीम ने परिवार की बहुत मदद की। उनका कहना है कि बच्ची ने बहुत अच्छा किया है और हम सबको उस पर नाज है। ऐसी परिस्थितियों के बाद भी वह 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाई है। यह हमारे लिए बहुत है क्योंकि कुछ माह पहले हम अपनी जान बचाने के लिए भी भाग रहे थे।
हालांकि नरगिस को अफसोस है कि अगर हालात सामान्य होते तो वह और अच्छे अंक लाती। उसने बताया कि एक एनजीओ ने उसे किताबें मुहैया कराईं और पढ़ाई में भी मदद कर रही थी। वैसे तो सीबीएसई जो पेपर कैंसिल हैं उनकी दोबारा परीक्षा कराएगी लेकिन तब तक देर हो जाएगी। नरगिस फैशन डिजाइनर बनना चाहती है और इस समय कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर रही है।