दलित जितेंद्र के घर आग लगाने के आरोप में जेल में बंद छह लोगों को सीबीआई ने पूछताछ के लिए शुक्रवार को कोर्ट से रिमांड पर लिया। नाबालिग होने की वजह से सातवें आरोपी को रिमांड के लिए नहीं मांगा गया। कोर्ट ने चार दिन की रिमांड मंजूर की।
बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम पीड़ित जितेंद्र के घर पहुंची थी। जितेंद्र से बातचीत कर घटना की जानकारी लेने के साथ ही टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए थे।
मामले की तफ्तीश के लिए शुक्रवार को डीएसपी (सीबीआई) केएस नेगी ने जूनियर मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) प्रतीक जैन की कोर्ट में पेश होकर जेल में बंद छह आरोपियों बलवंत सिंह उनके बेटे धरम सिंह व करतार सिंह, संजय, आकाश और अमन को प्रोडक्शन रिमांड पर देने की अपील की।
सातवां आरोपी नाबालिग होने की वजह से सीबीआई ने उसकी रिमांड नहीं मांगी। डीएसपी ने इन छह लोगों से पूछताछ के लिए सात दिन की रिमांड मांगी। आरोपियों के वकील नरेश गौड़ ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं की।
दिल्ली में होगी सभी से पूछताछ
इस पर न्यायाधीय प्रतीक जैन ने छह लोगों की चार दिन की रिमांड मंजूर की। उन्होंने मेडिकल चेकअप कराने के बाद सभी को ले जाने और जांच चार दिन से पहले खत्म होने की स्थिति में पहले ही न्यायालय में पेश करने के आदेश जारी किए।
डीसीपी ने बताया कि सभी छह लोगों को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। मालूम हो कि 19-20 अक्तूबर की रात सुनपेड़ गांव में रहने वाले जितेंद्र के घर आगजनी की घटना हुई थी।
इसमें जितेंद्र का ढाई वर्ष का बेटा वैभव और दस माह की बेटी दिव्या की झुलसने से मौत हो गई थी जबकि पत्नी रेखा गंभीर रूप से झुलस गई थी।
जितेंद्र ने गांव के बलवंत, उसके दो बेटे जगत व धर्म सिंह, ऐदल सिंह, नौनिहाल, जोगिन्द्र, आकाश, अमन, संजय और देशराज और एक नाबालिग पर उसके घर में आगजनी करने का आरोप लगाया था। मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। बृहस्पतिवार को सीबीआई ने जांच शुरू कर दी थी।