हालांकि उसके खिलाफ एलओसी नोटिस जारी किया जा चुका है। मामले की सुनवाई के दौरान दीक्षित द्वारा विश्व विद्यालय शब्द का प्रयोग करने पर स्वाति मालीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा इस आश्रम को विश्व विद्यालय शब्द का प्रयोग करने से मना किया जाये। यह संस्था न कोई पंजीकृत सोसाइटी है और न ही कंपनी और न ही यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त है।
दूसरी विश्वविद्यालय के वकील आलोक पोपने ने कहा आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर यूजीसी का कोई कानूनी नियंत्रण नहीं है। इस पर केवल ईश्वर का नियंत्रण है क्योंकि इसे विश्व विद्यालय को ईश्वर के खुद अवतार वीरेंद्र दीक्षित चला रहे हैं।
कोर्ट ने विश्वविद्यालय शब्द के प्रयोग पर आश्रम के वकील को दो दिन में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि वह बताये किस आधार पर यह शब्द प्रयोग किया जा रहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिये आठ फरवरी की तारीख तय की है।