सीबीआई ने शिमला में तैनात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहायक निदेशक से जुड़े कथित रिश्वत कांड के संबंध में एक और प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सहायक निदेशक पिछले सप्ताह एजेंसी की ओर से वहां चलाए गए अभियान के दौरान फरार हो गया था।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अब तक दो प्राथमिकियां दर्ज की हैं, जिनमें एक हिमाचल प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों के प्रवर्तकों से 80 लाख रुपये की रिश्वत मांगने से संबंधित है। दूसरी एफआईआर 85 लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगने से जुड़ी है। प्रवर्तक मामले में शिकायतकर्ता भी हैं। उन्होंने शिमला में एक संवाददाता सम्मेलन कर आरोप लगाया था कि सहायक निदेशक उन्हें कार्यालय में बुलाकर प्रताड़ित करते थे और रिश्वत की मांग करते थे। प्रवर्तकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी और उसके दो स्टाफ सदस्यों ने हमें शिमला ईडी कार्यालय में घंटों बैठाए रखा और इस दौरान वे पैसे की मांग करते रहे।
एजेंसी ने बताया कि इस मामले में सीबीआई ने तीन संदिग्धों की जांच की है, जिनमें आरोपी का भाई और एक बिचौलिया पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जबकि अधिकारी फरार बताया जा रहा है और अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि शिमला में तैनात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहायक निदेशक और दिल्ली में पंजाब नेशनल बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक उनके भाई कथित तौर पर एक शैक्षणिक संस्थान के प्रमोटर से रिश्वत लेने के लिए चंडीगढ़ के पास एक स्थान पर गए थे। प्रमोटर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच का सामना कर रहा है।