सीबीआई अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी कि सोमवार शाम अपराध शाखा के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एक बिचौलिये राजकुमार को पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि उनके पास से 24.70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। राजकुमार और व्यवसायी एन. राजा के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस वर्ष की शुरुआत में राजा के खिलाफ घटिया दवाओं के निर्माण को लेकर एक मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि राहत पाने की उम्मीद में व्यवसायी ने इंस्पेक्टर सिंह से संपर्क किया।
इंस्पेक्टर ने उसे आश्वासन दिया कि वह उसकी सहायता कर सकता है। दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के साथ बैठक का भी प्रबंध किया, जिनकी पहचान डीजीसीए के क्षेत्रीय निदेशक के तौर पर हुई है। अधिकारियों ने बताया कि बैठक के दौरान उस लोक सेवक ने सीबीआई अधिकारियों पर अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल करके राजा को अनुकूल जांच का आश्वासन दिया और तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसमें 1.5 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से देने की बात कही गई।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार व्यवसायी ने हवाला लेन-देन के जरिये एक करोड़ रुपये की व्यवस्था की, जो इंस्पेक्टर सिंह को दिए गए। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदीप सिंह ने उसमें से 50 लाख रुपये एक अन्य बिचौलिये प्रभात को दे दिए। ये लोक सेवक का परिचित बताया जाता है। आरोपी प्रदीप कुमार सिंह ने बाकी 25 लाख रुपये अपने कार्यालय में रखे। इसके बाद आठ जून, 2026 को आरोपियों राजकुमार और प्रदीप कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।