सीबीआई की टीम ने शनिवार को मेरठ में छापा मारकर रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) डॉ. आराधना पाठक, कंपाउंडर पिता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने तीनों को विशेष न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद की कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया गया। तीनों लोग मेरठ के कैंट बोर्ड अस्पताल में हुए लाखों रुपये के घोटाले के आरोपी हैं।
सीबीआई के लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर ने बताया कि 2011 से 2015 के बीच मेरठ स्थित कैंटोमेंट बोर्ड अस्पताल में दवा घोटाला हुआ है। सीबीआई ने मामले की जांच की थी, जिसमें पाया कि 23.46 लाख रुपये की दवा खरीद में हेराफेरी हुई। 13 मई 2015 को सीडीएससीओ नार्थ जोन गाजियाबाद ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था।
पता चला कि फर्जी टेंडर और बिल से खरीद की गई थी। मामले में 18 मार्च 2016 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। साथ ही पूर्व कैंटोमेंट बोर्ड के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सुखजीवन सिंह चहल, आरएमओ डा. आराधना पाठक, कंपाउंडर सुशील कुमार, रोहित कौशल, मोहम्मद अली जफर, विनीत शर्मा, गौरव अरोड़ा मेसर्स अरोड़ा फार्मास्युटिक्लस, मेसर्स वेलकम फार्मास्युटिकल्स व गुप्ता मेडिकल एजेंसी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
सीबीआई कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद 14 मार्च को सभी अभियुक्तों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किए थे। शनिवार को मेरठ में छापा मारकर डॉ. आराधना पाठक, कंपाउंडर सुशील कुमार और उसके बेटे रोहित को गिरफ्तार कर लिया।