स्वर्णजयंतीपुरम प्लॉट आवंटन घोटाले में जीडीए के इंजीनियरों पर गाज गिरना तय है। कोर्ट के आदेश पर शासन ने जीडीए को स्वर्णजयंतीपुरम प्लॉट आवंटन घोटाले के वक्त तैनात रहे 40 एई और जेई की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एई और जेई से पूछताछ के साथ तैनाती संबंधी सवाल-जवाब भी किए जाएंगे। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
पिछले साल दिसंबर में प्रमुख सचिव आवास नितिन गोकर्ण ने घोटाले के आरोप में लिप्त अधिकारियों की मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी थी। इसे प्राधिकरण ने शासन को उपलब्ध करा दिया था। मामले में मुरादाबाद मंडलायुक्त ने जांच कर 52 अधिकारियों की सूची तैयार कर शासन को भेजी थी।
इनमें एक आईएएस, पांच पीसीएस सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। जीडीए में प्रवर्तन प्रभारी के रूप में काम करने वाले 17 अधिकारियों, 13 अधिशासी अभियंता व 22 अवर अभियंताओं के नाम जांच रिपोर्ट में शामिल हैं।
मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट में प्रवर्तन प्रभारी के रूप में काम देखने वाले अधिकारियों में सचिव, संयुक्त सचिव स्तर के चार-चार अधिकारी, अपर सचिव स्तर के एक, विशेष कार्याधिकारी स्तर के तीन, अधिशासी अभियंता स्तर के तीन व सहायक अभियंता स्तर के दो अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया था। इनमें से कई अधिकारी वर्तमान में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब कोर्ट के निर्देश पर शासन ने जीडीए से 40 एई और जेई की विभागीय जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
शासन से 40 एई व जेई के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश मिले हैं। जांच में प्राधिकरण में तैनात रहे इन अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
- कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए