फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई ने नोएडा अथॉरिटी के पूर्व यादव सिंह को फिर किया गिरफ्तार, अक्तूबर 2019 में मिली थी जमानत

Mon, 10 Feb 2020 08:19 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
यादव सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नोएडा प्राधिकरण टेंडर घोटाले के आरोपी व प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह पर सीबीआई ने फिर शिकंजा कस दिया है। सोमवार को सीबीआई कोर्ट में पेशी पर आए यादव सिंह को वापस जाते समय सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। 

विज्ञापन


परिजनों को सीबीआई ने बताया कि एक मामले में पूछताछ करनी है। इसके बाद कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। यादव सिंह को सुप्रीम कोर्ट से अक्तूबर 2019 में जमानत मिली थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया था। 

सीबीआई ने यादव सिंह को पहली बार तीन फरवरी 2016 को गिरफ्तार किया था। अब एक बार फिर गिरफ्तारी के पीछे माना जा रहा है कि नोएडा स्थित स्टेडियम के मामले में भी यादव सिंह के खिलाफ  जांच पेंडिंग है, जिसकी पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है। 
विज्ञापन


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यादव सिंह के खिलाफ  नोएडा प्राधिकरण टेंडर घोटाला अंडर ग्राउंड केबल डालने का घोटाला और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन है।

विज्ञापन

यादव सिंह को सीबीआई ने टेंडर घोटाले के मामले में चार साल पहले गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने तीनों केस में चार्जशीट पेश कर दी थी। इन तीनों मामलों में यादव सिंह को सुप्रीम कोर्ट से तीन महीने पहले जमानत मिली थी। 

सोमवार को यादव सिंह पत्नी कुसुमलता के साथ सीबीआई कोर्ट में तारीख पर आए थे। इसी दौरान कोर्ट परिसर से सीबीआई के एएसपी राजेश चहल की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान सीबीआई टीम ने यादव सिंह की पत्नी को बताया कि यादव सिंह के खिलाफ  कई मामलों में जांच चल रही है इसलिए यादव सिंह से पूछताछ की जानी है। पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।

नवंबर 2014 में सीबीआई ने की थी छापेमारी
नवंबर 2014 को सीबीआईऱ् ने पहली बार यादव सिंह के  घर छापेमारी की थी। इसके बाद फरवरी 2015 को यूपी सरकार ने उन्हें निलंबित कर मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। जुलाई 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने 954.38 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में अगस्त 2015 को यादव सिंह के खिलाफ  एफआईआर दायर की थी।्र

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें