शाहरुख खान की ‘बादशाह’ फिल्म की तर्ज लोगों को झांसे में लेने की पूरी प्लानिंग की हुई थी। गिरोह के सदस्य अलग-अलग किरदार निभाते थे। कोई सेठ बनता था कोई नौकर।
कोई ‘पंडित’ होने की एक्टिंग करता तो कोई उनकी ‘कृपा’ से अमीर बनने की। एक व्यक्ति हाईप्रोफाइल क्लाइंट को फंसाकर लाता।
फ्लैट में आते ही वहां बैठे पंडित बने युवक का गुणगान करतेे कि आपके कहने पर मोतियों का गेम खेलकर कैसे वह अमीर बन गया। ‘टेबल नंबर-21’ की तर्ज पर गेम खिलाकर पहले उसे जितवाते, फिर लाखों रुपये ठग लेते।
बिल्डर प्रदीप त्यागी कंस्ट्रक्शन का कार्य करते हैं। योगेश ने प्रदीप की कंस्ट्रक्शन साइट पर जाकर उनका मोबाइल नंबर लिया और 1200 गज जमीन पर कोठी बनाने की बात कही। वह दोस्त के साथ प्रताप विहार स्थित बताए स्थान पर पहुंचे।
कुछ देर बाद शुरु होता असली खेल
चाय-बिस्किट खाए, तभी नशा सा छाने लगा और उनके कहने के अनुसार कैसिनो स्टाइल में गेम खेलने लगे। प्रदीप ने 24 लाख रुपये जीत लिए। लेकिन इसके बाद वह 1.12 करोड़ रुपये हार गया।
प्रदीप के पास 5 लाख रुपये थे, जो उससे ले लिए व बाकी रकम बाद में देने को कहा। ठगी का एहसास होने पर प्रदीप ने विजयनगर पुलिस से शिकायत की।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने सात लाख रुपये बरामद किए थे, मगर दिखाए पांच लाख। हालांकि पुलिस इन बातों को बेबुनियाद बता रही है।
आखिर पकड़ में आया ठगों का गिरोह
नशे में और सम्मोहित कर हाईप्रोफाइल लोगों से ठगी करने वाले चार ठगों को विजयनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ठगी के शिकार एक बिल्डर ने ही पुलिस से पकड़वाया।
आरोपियों ने प्रताप विहार स्थित जे ब्लॉक के एक मकान को ‘कैसिनो’ बनाया हुआ था। ठगों का जाल एनसीआर में फैला था। गैंग के कुछ सदस्य भागे हुए हैं।
सात सदस्यीय गिरोह का सरगना 55 वर्षीय एक व्यक्ति है। पुलिस ने इनसे कागज की गड्डी और मोती जैसे दिखने वाली गोलियां बरामद की हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी देवेंद्र बत्रा, योगेश विजयनगर, राहुल मेहरा और हीरालाल निवासी दिल्ली हैं। देवेंद्र गिरोह का सरगना है।
जीतने के बाद मिलती है असली हार
उसने पूर्व में गोविंदपुरम निवासी बिल्डर प्रदीप त्यागी को मकान बनवाने की बात कह झांसे में लिया और मिलने के लिए छह अप्रैल को प्रताप विहार स्थित एक किराये के मकान में बुलाया।
आरोप है कि मकान में नशीला पदार्थ चाय में मिलाकर पिलाया और मोतियों वाला गेम खिलाकर पहले तो बिल्डर को रकम जितवाई, फिर हरा दिया और पांच लाख रुपये हड़प लिए। अंदेशा है कि गिरोह के चंगुल में कई हाईप्रोफाइल लोग फंसे हैं।
आरोपी ठग पहले ‘शिकार’ की तलाश करते थे, फिर किराए पर फ्लैट लेकर वहां मिलने बुलाते थे और खानपान की चीजों में नशीला पेय पदार्थ मिलाकर पिलाते और मोतियों वाला गेम खिलाने के बहाने रकम ऐंठ लेते थे।