सफदरजंग एंक्लेव में ऑनलाइन शॉपिग कराने वाली कंपनी ग्रोफर्स के कैशियर ने अपनी महिला साथी के कर्जे को उतारने के लिए लूट की झूठी कहानी रची। मगर उसकी चालाकी ज्यादा दिन तक नहीं चल सकी और सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस ने कैशियर समेत सात आरोपियों को पकड़ लिया। इनमें से चार नाबालिग हैं। आरोपी ने दो मिनट का रास्ता तीस मिनट में तय किया था, इस कारण पुलिस को उस पर संदेह हो गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.35 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार संगम विहार निवासी आकाश (24) अर्जुन नगर, हुमायूंपुर सफदरजंग एंक्लेव में स्थित ग्रोफर्स कंपनी में कैशियर कम फील्ड ब्वॉय है। कंपनी ने उसे 23 जनवरी को 2.21 लाख रुपये लाडो सराय स्थित मुख्य कार्यालय में जमा कराने को दिए। वह ऑफिस से कुछ ही दूर चला होगा कि अज्ञात युवकों ने उससे रकम लूट ली। मामला दर्जकर सफदरजंग एंक्लेव थानाध्यक्ष शिवराज विष्ट की देखरेख में एसआई एसआई रविंद्र हुड्डा, एएसआई सुनील और देवेंद्र मलिक की टीम ने तफ्तीश शुरू की। जांच के बाद एसआई रविंद्र हुड्डा की टीम ने कैशियर आकाश, विकास और बाबुल को गिरफ्तार कर लिया। साथ में चार नाबालिग भी पकड़े गए हैं। सभी आरोपी संगम विहार के रहने वाले हैं और आकाश के दोस्त हैं।
आकाश ने पूछताछ में बताया कि उसकी महिला साथी के माता-पिता पर काफी कर्ज था। वह कर्ज को उतारना चाहता था। इसके लिए उसने लूटपाट की साजिश रची थी और अपने दोस्तों को वारदात में शामिल किया। वह जब रकम लेकर ऑफिस से चला तो उसने रकम दोस्तों को दे दी और पुलिस को 100 नंबर पर झूठी सूचना दे दी कि बदमाशों ने उससे हथियारों के बल पर कैश लूट लिया है।
आरोपी ने वारदात के लिए बी-1, सफदरजंग एंक्लेव में ऐसी जगह को चुना था जहां सीसीटीवी कैमरे न लगे हो। आरोपी ने अपने दोस्तों को व्हाट्सएप कॉल की थीं। कैशियर के कार्यालय व वारदात वाली जगह के बीच दो मिनट का रास्ता है, मगर आरोपी ने इस दूसरी का आधा घंटे में तय किया था। यही वजह थी कि आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दूसरा इसके सभी दोस्त घरों से फरार मिले थे। पुलिस एक बालिग आरोपी की तलाश कर रही है।