कचहरी में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता नरेश यादव ने सीएम अखिलेश यादव को पत्र लिखकर मांग की है कि बिसाहड़ा गांव में गोशाला बनवाकर सौहार्द का संदेश दिया जाए।
बिसाहड़ा कांड के आरोपी संदीप के अधिवक्ता नरेश यादव का कहना है कि मथुरा फारेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट के बाद यह साबित हो गया है कि अखलाक के घर से बरामद मांस ‘बीफ’ था। जबकि सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा मुआवजा अखलाक के परिजनों को ही दिया था।
अब चूंकि यह स्पष्ट हो चुका है कि मृतक अखलाक और उसके परिजनों ने गोहत्या की थी, ऐसे में उनके खिलाफ गोवध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। उनसे पूरा मुआवजा वापस लिया जाए।
गो-हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही बिसाहड़ा गांव में सरकारी धन से गोशाला बनाकर यूपी में एक मिसाल कायम की जाए।