नूंह में हरियाणा सरकार के विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से उन ग्राम सरपंचों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं, जिन्होंने अभी तक संबंधित पंचायत का रिकॉर्ड प्रशासक के कार्यालय में जमा नहीं कराया।
नूंह विकास खंड में ऐसा एक मामला प्रकाश में आया है। पता चला है कि खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पूजा शर्मा की शिकायत पर गांव खेड़ला की महिला सरपंच फरमीना पत्नी जमील के विरुद्ध नूंह थाने में पंचायत रिकॉर्ड जमा नहीं कराने जाने की शिकायत किए जाने पर केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
नूंह विकास खंड में कुल 83 पंचायतें हैं। पिछले पंचायत चुनाव में 80 पंचायतों के चुनाव हुए थे, जबकि नई वार्डबंदी के बाद हरियाणा सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग के माध्यम से नूंह विकास खंड में तीन नई पंचायतों के गठन को अपनी मंजूरी दी थी।
बता दें कि बीती 24 जुलाई को पंचायतों की कार्य अवधि पूरी हो गई, जिसके बाद सरकार ने विकास एवं पंचायत विभाग के आला अधिकारियों की सलाह के बाद उनको पंचायतों के आम चुनाव कराए जाने तक संबंधित बीडीपीओ को पंचायत प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया।
मेवात जिले में भी सरकार का यह निर्णय लागू हो गया। बता दें कि मेवात जिले में पांच विकास खंड हैं और अधिकांश में बीडीपीओ नूंह को प्रशासक के तौर पर जिमेदारी मिली हुई है। पूरे जिले में चार सौ अधिक पंचायतें हैं।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सरपंचों को बीडीपीओ के माध्यम से यह आदेश दिया था कि वे दो सप्ताह के भीतर पंचायत प्रशासकों के कार्यालय में उनके पास सुरक्षित पंचायत रिकॉर्ड जमा करा दें मगर इनमें से काफी सरपंच ऐसे हैं, जिन्होंने सरकार के इस आदेश की पूर्णरूपेण पालना नहीं की।
ऐसे सरपंचों को बीडीपीओ कम प्रशासक पंचायत की ओर से नोटिस जारी करके उपायुक्त कार्यालय को इस संबंध में सूचित कर दिया। सूत्र बताते हैं कि यह निर्णय विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों के आदेश पर लिया गया क्योंकि कई जगहों पर सरपंचों की ओर से पंचायत रिकॉर्ड की आरटीआई आवेदन आने के बाद सही जानकारी नहीं दी।
कुछ जगहों से सरकारी रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द करने की सूचनाएं प्रशासन को मिल रही थी। इसी वजह से सरकार ने मौजूदा पंचायतों के निवर्तमान सरपंचों से सरकारी रिकॉर्ड को जमा कराए जाने के आदेश दिए।
मेवात में नूंह खंड की खेड़ला ग्राम पंचायत की महिला सरपंच के विरुद्ध नूंह थाने में पंचायत रिकॉर्ड जमा नहीं कराए जाने पर केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।