पुलिस से हुई झड़प
सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। लोगों को पुनः समझाने बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन सभी लोग और अधिक आक्रोशित होकर नारेबाजी करते हुए रोड को पूर्णतः जाम कर दिया और आक्रोशित होकर देख लेने की धमकी देते हुए पुलिसवालों को गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की करने लगे। जिसमे ऊपर निरीक्षक लाल सिंह, कांस्टेबल विवेक कुमार को चोंट आईं।
जाम में फंसी कई एंबुलेंस
जाम के कारण भीड़ में कई एंबुलेंस फंस गईं। एंबुलेंस को पुलिस ने दूसरे रास्तों से जैसे तैसे निकलवाया। आसपास के रास्ते में आने-जाने वाले लोग भागने लगे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। जैसे-तैसे रास्ता खुलवाया गया और जब यह लोग फिर भी नहीं माने। मनमाने तरीके से शोर मचाते हुए नारेबाजी करते हुए मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचकर मेट्रो ट्रेन रुकवाने का प्रयास किया। अफरा-तफरी के माहौल में कुछ लोग, राहगीरों के जूते-चप्पल भी वहां पर छूट गए, जिनको पुलिस कोतवाली लेकर आई।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-191 (2) (साधारण दंगा), 121(1) (किसी लोक सेवक को हल्की चोट पहुंचाने), 121(2) (किसी सरकारी कर्मचारी को गंभीर चोट पहुंचाने), 223 (लोक सेवकों द्वारा जारी आदेशों की अवज्ञा), 285 (सार्वजनिक मार्ग पर बाधा पैदा करना), 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला), 221 (लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कामों में बाधा डालने), आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा-7 (अपराध कि उकसाने) की धाराओं में केस दर्ज किया है।
परी चौक जाने वाले मार्ग पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग
किसानों के गिरफ्तारी देने के लिए परी चौक पहुंचने की सूचना से पुलिस शनिवार सुबह से अलर्ट रही। डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी स्तर के अधिकारियों ने मौके पर तैनात पीएसी, आरएएफ के जवानों को किसानों को किसी भी हालत में धरना स्थल पर एकत्रित नहीं करने को लेकर निर्देशित किया।
परी चौक जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर चेकिंग की। हालांकि चोरी छिपे परी चौक पर किसान चारपहिया में सवार होकर पहुंचे। इस कारण अल्फा गोल चक्कर से लेकर परी चौक तक ट्रैफिक जाम रहा। प्रदर्शन के चलते यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। प्रदर्शन के दौरान परी चौक के आसपास जाम रहा।